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Lucknow News: एक दशक पुराने टर्फ पर हॉकी हर कदम पर फिसलने का डर

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विजयंत खंड मिनी स्टे​डियम में बदहाल हाॅकी एस्ट्रोटर्फ। मिट्टी के चलते ​खिला​ड़ियों का अभ्यास कर
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लखनऊ। हॉकी में गेंद पर नियंत्रण और तेजी से बदलती परिस्थितियों के बीच तालमेल जरूरी है लेकिन गोमतीनगर के विजयंतखंड स्थित मोहम्मद शाहिद सिंथेटिक हॉकी स्टेडियम में खिलाड़ियों को मैदान की बदहाली से भी जूझना पड़ रहा है। एस्ट्रोटर्फ की सतह पर मिट्टी जमा है। कई जगह पानी रुकता है, जिससे खिलाड़ियों के फिसलने का खतरा बना रहता है।
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करीब दस साल पहले बिछाए गए टर्फ का रंग भी सफेद पड़ने लगा है। मैदान पर हल्की मिट्टी और पानी की मौजूदगी के साथ गोल पोस्ट के आसपास सूखे पत्ते सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। हॉकी में खिलाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ते हैं। अचानक दिशा बदलते हैं और गेंद को नियंत्रित करने के लिए तेजी से मूवमेंट करते हैं। ऐसे में टर्फ की सतह का साफ और खेलने योग्य होना जरूरी है। पानी रुकने से खिलाड़ियों की गति और गेंद के नियंत्रण पर असर पड़ सकता है। खिलाड़ियों के फिसलने की समस्या चोट का खतरा भी बढ़ सकता है।
एस्ट्रोटर्फ की उपयोगी उम्र उसकी गुणवत्ता, इस्तेमाल और रखरखाव पर निर्भर करती है। आमतौर पर करीब आठ से दस साल बाद उसकी स्थिति का तकनीकी आकलन जरूरी हो जाता है। ऐसे में लगभग एक दशक पुराने इस टर्फ पर जलभराव, मिट्टी जमा होने और सतह का रंग बदलने के बीच इसकी तकनीकी जांच की जरूरत है। मैदान की स्थिति का असर हॉकी गतिविधियों पर भी पड़ रहा है।
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हॉकी के लिए विशेष महत्व रखता है यह स्टेडियम
यह स्टेडियम शहर में विशेष महत्व रखता है। पिछले वर्ष खेल दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्टेडियम में खिलाड़ियों का हौसलाफजाई करने आ चुके हैं। सीएम ने हॉकी स्टिक से शॉट भी लगाया था। इसी स्टेडियम में हुई प्रथम हॉकी इंडिया जूनियर पुरुष अंतर-क्षेत्रीय चैंपियनशिप 2024 का उद्घाटन भी सीएम ने ही किया था। हॉकी के लिए इस स्टेडियम को खास विकसित किया गया है।

ध्यानचंद स्टेडियम की टर्फ को भी बदलने की दरकार
विजयंत खंड मिनी स्टेडियम के अलावा गुरु गोविंद सिंह स्पोर्ट्स प्रांगण में बने मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ बदले जाने की सख्त दरकार है। यहां वर्ष 2016 में जूनियर विश्वकप के दाैरान नई टर्फ लगाई गई थी। दस साल बीत जाने के बाद टर्फ कई जगह से फट गई है। ऐसे में यहां अभ्यास करने वाले प्रशिक्षकों को ट्रेनिंग के दाैरान खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

खेल निदेशक आरपी सिंह के अनुसार हमारी तरफ से स्टेडियम का टर्फ बदलने, हॉस्टल व पवेलियन निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू कराया जाएगा।

विजयंत खंड मिनी स्टेडियम में बदहाल हाॅकी एस्ट्रोटर्फ। मिट्टी के चलते खिलाड़ियों का अभ्यास कर

विजयंत खंड मिनी स्टेडियम में बदहाल हाॅकी एस्ट्रोटर्फ। मिट्टी के चलते खिलाड़ियों का अभ्यास कर

विजयंत खंड मिनी स्टेडियम में बदहाल हाॅकी एस्ट्रोटर्फ। मिट्टी के चलते खिलाड़ियों का अभ्यास कर

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