एक वक्त था, जब मुख्यमंत्री अखिलेश ने चुनाव प्रचार के दौरान मायावती काल के स्मारकों का जम कर विरोध किया था, मगर समय बदला तो बात भी बहुत कुछ बदल चुकी है।
स्मारकों को हरा भरा करने के लिए मुख्यमंत्री के आदेश पर काम किया जा रहा है।
जिसमें करीब चार हजार पौधे तो अकेले कांशीराम ईको गार्डेन में ही लगाए गए हैं। इसके अलावा काफी महंगे पौधों का रोपण डॉ. भीमराव अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल के नजदीक किया जा रहा है।
इसके अलावा पंचम तल से स्मारकों में कई अन्य जगहों पर अच्छे पौधे रोपित करने का आदेश दिया गया है।
इस पौधरोपण की शुरुआत करीब छह महीने पहले ईको गार्डेन से की गई थी। तब मुख्यमंत्री ने खुद वहां पहला पौधरोपण किया था। इसके बाद में ऐसे ही चार हजार पौधे लगाए गए।
गुलमोहर, गुलाब, चंपा, रजनीगंधा आदि के पौधे लगाए गए हैं। ये पौधे अब खासे बड़े भी हो गए हैं। इसी तरह से समतामूलक चौक के पास स्थित चौराहे के नजदीक क्रोशिया का महंगा पौधा लगाया गया है। इसके एक पौधे की कीमत लगभग तीन सौ रुपए है।
कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम के सिलसिले में जब मुख्यमंत्री समतामूलक चौराहे से गुजरे थे तो उन्होंने प्रमुख सचिव दीपक गर्ग को आदेशित किया था कि वे यहां कुछ अच्छे पौधे लगवा दें।
इसके बाद में यहां 40 पौधे लगाए गए। स्मारक संरक्षण समिति के मुख्य प्रबंधक अष्टभुजा प्रसाद तिवारी ने बताया कि, और अधिक पौधे स्मारकों में रोपे जाएंगे।
ताकि अधिक से अधिक हरियाली फैले। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद चाहते हैं, पत्थरों की जगह इन स्मारकों में हरियाली अधिक दिखे।