फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: फाइलों में धरी रह गई हेरिटेज जोन को अतिक्रमण मुक्त बनाने की योजना, पार्किंग बन सकी... न हटी अवैध दुकानें

Sat, 31 May 2025 11:57 AM IST
भूपेन्द्र सिंह सतीश संगम, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में हेरिटेज जोन को अतिक्रमण मुक्त बनाने की योजना फाइलों में धरी रह गई। यहां ना तो पार्किंग की व्यवस्था हो सकी और ना ही अवैध दुकानें हटीं। रात 8 बजे के बाद महज 500 मीटर दूरी तय करने में 30 मिनट तक का समय लग जाता है।  
विज्ञापन
छोटे इमामबाड़ा के बाहर लगी दुकानें व सड़क पर खड़े वाहन। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ में हेरिटेज जोन को अतिक्रमण मुक्त बनाने की योजना अभी भी प्रशासन की फाइलों में ही बंद है। बीते पांच महीनों में हेरिटेज जोन का कई बार सर्वे भी हो चुका है। अधिकारियों ने खुद अलग-अलग क्षेत्रों के निरीक्षण किए। लेकिन अब तक हेरिटेज जोन को अतिक्रमण से पहले की तरह ही जूझ रहा है। यह स्थिति तब है जब राजधानी को देश की पटल पर पर्यटन क्षेत्र घोषित करने की योजना है।

विज्ञापन


नवाबों की संस्कृति, सभ्यता व उनकी धरोहरों को देखने के लिए राजधानी में देश- विदेश से पर्यटक आते हैं। लेकिन यातायात और अतिक्रमण का जाल पर्यटकों के लिए सिरदर्द बन जाता है। जैसे ही हेरिटेज जोन में पहुंचते हैं उन्हें सबसे पहले अतिक्रमण और वाहन पार्किंग से दो-चार होना पड़ता है। किसी तरह इमामबाड़ा तक पहुंचते भी हैं तो यहां की अव्यवस्था देखकर ही घूमने और दोबारा आने की इच्छा ही खत्म हो जाती है।

Trending Videos

रूमी गेट के नीचे खड़े वाहन - फोटो : अमर उजाला

केस-1; रूमी गेट के पास ही बना दी पार्किंग

रूमी गेट राजधानी की पहचान का खास हिस्सा है। इसे सुंदर बनाने के लिए इसके कुछ हिस्सों की मरम्मत भी हुई। लेकिन रूमी दरवाजा के पास ही अवैध पार्किंग बना दी गई है। अवैध पार्किंग व अतिक्रमण के कारण इसकी सुंदरता फीकी पड़ गई है। रामविलास दिल्ली से बुधवार को अपने परिवार के साथ इमामबाड़ा घूमने पहुंचे लेकिन, यहां की व्यवस्थाओं ने उन्हें मायूस कर दिया।

केस- 2; रात होते ही सड़क पर हो जाता है अतिक्रमण

रात आठ बजे के बाद रूमी गेट से छोटा इमामबाड़ा तक जाने में पर्यटकों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अवैध दुकानें और पार्किंग से आना जाना मुश्किल हो जाता है। 500 मीटर के सफर में ही करीब आधे घंटे लग जाते हैं। यह स्थिति रात 11 बजे तक बनी रहती है।
 
विज्ञापन

छोटे इमामबाड़ा के बाहर लगी दुकानें व सड़क पर खड़े वाहन। - फोटो : अमर उजाला

केस- 3; वैकल्पिक मार्ग नहीं, डायवर्जन से भी आफत

पुराने लखनऊ की तरफ जाने वालों के लिए वैकल्पिक मार्ग नहीं है। छोटा इमामाबाड़ा की तरफ जाने वाले भी बड़ा इमामबाडा से होकर गुजरते हैं। यही वजह है कि यहां पर्यटकों के आने-जाने में परेशानी होती है। दूसरी तरफ रूमी गेट के पास से ही डायवर्जन किया गया है। इससे घंटाघर से रूमी गेट की तरफ आने वाले पर्यटकों को समस्या होती है।

वैकल्पिक मार्ग मिलते ही खत्म होगी परेशानी

हेरिटेज जोन की क्यूरेटर डॉ. वंदना सहगल ने बताया कि हेरिटेज जोन का सुंदरीकरण किया जा रहा है। अतिक्रमण से निजात पाने के लिए प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही रूमी गेट के पास से पार्किंग को शिफ्ट किया जाएगा। वैकल्पिक मार्ग मिलते ही इमामबाड़ा की तरफ से आने वाले वाहनों पर रोक लगा दी जाएगी, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को किसी तरह की परेशानी न हो। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें