पिज्जा डिलीवरी बाइक्स का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया। वकालत की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने इस मामले में जनहित याचिका दायर की है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मामले में सूबे के प्रमुख सचिव परिवहन को चार हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
याची का कहना है कि पिज्जा कंपनियों के डिलीवरी मैन भीड़-भाड़ वाली जगहों पर तय समय में पिज्जा पहुंचाने की जल्दी में तेज और लापरवाही से बाइक चलाते हैं, जो खतरनाक हो सकता है।
साथ ही याची का यह भी आरोप है कि 5 नवंबर 2004 के केंद्र सरकार के गजट में ऐसी मोटरसाइकिलों को ट्रांसपोर्ट वाहन के रूप में दिखाया गया है जबकि सूबे में इन्हें इस रूप में पंजीकृत नहीं किया जा रहा है।