हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कोरोना काल के दौरान प्रदेश में केंद्र व राज्य सरकार के दफ्तरों व संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को घर से कम करने (वर्क फ्रॉम होम) की सहूलियत देने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति करुणेश सिंह पवार की खंडपीठ ने यह आदेश अभिषेक यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची ने प्रदेश में केंद्रीय व राज्य सरकार के दफ्तरों व संस्थानों में कार्यरत महिला कर्मचारियों को कार्यालय न बुलाकर उन्हें घर से काम करने की सुविधा देने के निर्देश केंद्र व राज्य सरकार को दिए जाने की गुजारिश की है।
याची का कहना था कि कोरोना काल में 65 साल से ऊपर के लोगों, गर्भवती महिलाओं व 10 साल से छोटे बच्चों को सुरक्षा के लिहाज से अति आवश्यक और इलाज के अलावा घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी गई है। इस संबंध में बीती 29 जून को जारी सर्कुलर का पालन केंद्र व राज्य सरकार नहीं कर रही हैं।
यूपी सरकार की ओर से किसी के पेश न होने पर कोर्ट ने सरकारी पक्षकारों को नोटिस जारी कर दिया। उधर, केंद्र सरकार की तरफ से अधिवक्ता पेश हुए, जिन्हें कोर्ट ने मामले में पक्ष पेश करने के लिए केंद्र से निर्देश लेने को कहा है। अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई तीन हफ्ते बाद नियत की है।