लखनऊ। निवेश की गई रकम को दो से तीन गुना करने का झांसा देकर करीब 14 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक जालसाज को आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्ल्यू) ने बृहस्पतिवार को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सैकड़ों निवेशकों को झांसे में लेकर ठगी को अंजाम दिया।
जांच में सामने आया है कि पियर्स एलायड कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिल्ली और हरियाणा में पंजीकृत कराया गया था। कंपनी के सीएमडी दुर्गा प्रसाद दुबे, निदेशकों और कर्मचारियों ने आरबीआई से एनबीएफसी का पंजीकरण कराए बिना ही निवेश और बैंकिंग गतिविधियां शुरू कर दीं। इसके बावजूद विभिन्न जिलों में कार्यालय खोलकर लोगों को जोड़ा गया। कंपनी द्वारा निवेशकों को दो से तीन गुना रिटर्न देने का आश्वासन दिया गया, जिसके चलते करीब 14 करोड़ रुपये जमा करा लिए गए। बाद में कंपनी ने अचानक अपने सभी कार्यालय बंद कर दिए। इस मामले में आलमबाग थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिसकी विवेचना शासन के आदेश पर ईओडब्ल्यू को सौंप दी गई।
ईओडब्ल्यू टीम ने कानपुर निवासी शैलेश कुमार उपाध्याय को गोरखपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी मूल रूप से गोरखपुर का निवासी है और कंपनी में निदेशक के पद पर कार्यरत था। पूछताछ में पता चला है कि वह निवेशकों को फर्जी रसीदें और दस्तावेज देकर रकम का गबन करता था। ईओडब्ल्यू के अनुसार, इस मामले में आठ आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।