हादसे में मदारीपुर निवासी वासुदेव (50), श्रीपाल (45), नीलम (15) पुत्री श्रीपाल, राज (9) पुत्र श्रीपाल, यशोदा (35) पत्नी श्रीपाल, विनोद (27), संजय (35), पिंकी (25), माही (1) पुत्री संजय, सुमन (25) पत्नी देशराज, पर्वत का पुरवा गांव निवासी रामबाबू (22) पुत्र रामकिशोर, खिलाल (25) पुत्र तीरथ, राकेश (30) पुत्र सागर, मोनू (25) पुत्र सदाशिव, नया पुरवा की रहने वाली रेखा (25) पत्नी राकेश, बल्दी का पुरवा निवासी रामराज (25) पुत्र पारसनाथ, खालिकपुर कला निवासी कमलेश (40) पुत्र रामदास, उमरन निवासी विक्त्रस्म (30) पुत्र दसई के अलावा श्रीकांत, पिंकी (25), आर्यन (3), जीशान (18) समेत 35 लोग घायल हुए। इसमें रामदेई (55), श्रीकांत (22), अज्ञात (15), राम प्रसाद (45), अज्ञात (40) के अलावा एक अज्ञात महिला (34) समेत सात लोगों को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।
मुंडन संस्कार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। किसी को इस बात का एहसास भी नहीं हो रहा था कि एक परिवार की खुशियां यूं ही छिन जाएंगी। मदारीपुर गांव निवासी रतीपाल के पोते-पोती का मुंडन संस्कार था। सुबह लोग घर से निकल गए थे। बताते हैं कि रतीपाल ने फतेहपुर स्थित देवीधाम में ही मुंडन संस्कार करने के लिए ठान रख रखा था। गांव के लोगों के साथ ही नाते-रिश्तेदारों को लेकर गए थे। हादसे में रतीपाल की पत्नी पार्वती समेत सात लोगों की मौत हो गई। दर्दनाक हादसे ने परिवार को झकझोर करके रख दिया है, जहां अब रोना पिटना मचा है। परिवारीजन रह-रहकर रो पड़ते हैं। कह रहे हैं कि पता नहीं किस घरी में लोग घर से निकले थे, जो यह देखने को मिला।