लखनऊ मेट्रो में यात्रा के समय कैमरा लेकर जाने पर अब रोक नहीं रहेगी। स्टिल कैमरा या वीडियो कैमरा लेकर आने वालों को ट्रेन में यात्रा करंने की अनुमति रहेगी, लेकिन फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करने के लिए पूर्व में मेट्रो प्रशासन से अनुमति जरूरी होगी।मेट्रो अधिकारियों ने यह फैसला इसलिए लिया है क्योंकि घूमने आने वाले अधिकांश लोगों के पास कैमरा होता है। कई बार तो प्रोफेशनल यात्री भी होते हैं, जिन्हें कैमरा लेकर एक जगह से दूसरी जगह जाना होता है। ऐसे लोगों को मेट्रो परिसर या ट्रेन में फोटोग्राफी नहीं करनी होती है। ऐसे में इन्हें रोकने का मतलब यात्रा करने से रोकना है। इसके बाद अब सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि कैमरा लेकर आने वालों को मेट्रो परिसर में जाने दिया जाए।
कैमरे का उपयोग करने के लिए देना होगा शुल्क
मेट्रो के स्टेशनों या ट्रेन के अंदर शूट करने की अनुमति रहेगी, लेकिन इसके लिए मेट्रो की फिल्म पॉलिसी के मुताबिक अनुमति लेनी होगी। इसके लिए प्रतिघंटा दो लाख रुपये ट्रेन या स्टेशन पर शूट के लिए देना होगा। दोनों जगह शूट का विकल्प रखने पर तीन लाख रुपये प्रतिघंटा शुल्क रखा गया है। 60 मिनट मेट्रो अतिरिक्त सेटअप पूरा करने के लिए देगा। वहीं अतिरिक्त समय होने पर प्रतिघंटा के आधार पर जुर्माना लगाने का काम करेगा।
सुरक्षागार्ड,लगेज स्कैनर संग सेल्फी नहीं
मेट्रो के सुरक्षा आयुक्त आईएस रावत ने बताया कि लोग अपने मोबाइल से अभी भी फोटोग्राफी कर रहे हैं। उनको रोकना काफी मुश्किल है। ऐसे में अधिकारियों से वार्ता के बाद अब उन चीजों की फोटो लेने से रोका जा रहा है, जो सुरक्षा के चलते संवेदनशील हैं। इनमें सुरक्षा गार्ड, लगेज स्कैनर, मेटल डिटेक्टर शामिल हैं। इनकी फोटोग्राफी या इनके साथ सेल्फी नहीं करने दी जाएगी।