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Lucknow News: पीएचडी संबंधी सभी काम होंगे ऑनलाइन

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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में अब शोधार्थियों को अपनी डिग्री अवाॅर्ड कराने के लिए महीनों चक्कर नहीं लगाने होंगे। अब थीसिस जमा करने से लेकर मूल्यांकन जैसे सभी काम ऑनलाइन होंगे। विवि प्रशासन नए सत्र से यह व्यवस्था लागू करने जा रहा है। वहीं शिक्षकों के अवकाश स्वीकृति की व्यवस्था भी ऑनलाइन होने जा रही है।
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लविवि में इस समय नियमत: न्यूनतम तीन साल और अधिकतम छह साल में पीएचडी की थीसिस जमा करनी होती है। जो शोधार्थी निर्धारित समय में अपनी थीसिस जमा भी कर देते हैं, उनको भी डिग्री अवाॅर्ड होने में लंबा समय लग जाता है। पीएचडी थीसिस जमा करने के बाद विवि मूल्यांकन के लिए भेजता है। कई बार देखा गया है कि विवि के स्तर से मूल्यांकन के लिए थीसिस छह-छह महीने तक नहीं भेजी जाती है। थीसिस जंचकर आने में भी कई महीने का समय लग जाता है। इसके बाद वाइवा की तिथि और विशेषज्ञों को लेकर भी अनावश्यक समय जाता है। इसे देखते हुए विवि प्रशासन ने तय किया है कि अब पीएचडी संबंधी सभी काम ऑनलाइन की किए जाएं। किसी भी स्तर से उसमें देरी होने पर उसे तुरंत पकड़ लिया जाएगा। इससे थीसिस जमा होने के बाद जल्द डिग्री अवाॅर्ड हो सकेगी।




अवकाश के लिए शिक्षकों को नहीं लगाने होंगे चक्कर

लविवि में शिक्षकों को अपना अवकाश विभागाध्यक्ष से स्वीकृत कराकर कुलपति कार्यालय भेजना होता है। लंबी छुट्टी या फिर विदेश जाने में कुलपति की अनुमति आवश्यक है। ऑफलाइन प्रक्रिया में समय की बर्बादी होती है। इसे देखते हुए लविवि प्रशासन व्यवस्था पूरी तरह से ऑनलाइन करने जा रहा है। इसमें शिक्षक छुट्टी के लिए आवेदन करेंगे। किसी भी स्तर पर उसे खारिज करने के लिए संबंधित जिम्मेदार को टिप्पणी दर्ज करनी होगी। अगले चरण में इसे कर्मचारियों के लिए भी लागू किया जाएगा।
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ऑनलाइन होगी व्यवस्था

शोधार्थियों की सुविधा के लिए पीएचडी संबंधित सभी काम ऑनलाइन करने की योजना बनाई गई है। अगले महीने तक इसे लागू कर दिया जाएगा। साथ ही शिक्षकों की छुटि्टयां स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन की जाएगी।
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- प्रो. आलोक राय, कुलपति लविवि
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