विश्वविद्यालयों में पीएचडी अवॉर्ड करने की तारीख में होगी एकरूपता
लविवि कुलपति की अध्यक्षता में कल होगी बैठक
पीएचडी डिग्री अवॉर्ड करने की तारीख में अब मनमानी नहीं चल पाएगी। प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में अब पीएचडी की डिग्री अवॉर्ड करने की तारीख में एकरूपता होगी। राजभवन के निर्देश पर इसमें एकरूपता लाई जानी है। 21 अगस्त को लविवि कुलपति प्रो. एसपी सिंह की अध्यक्षता में इस पर बैठक होगी। बैठक में यह तय होगा कि पीएचडी की डिग्री किस तारीख से अवॉर्ड हुई मानी जाएगी।
इस समय पीएचडी अवॉर्ड करने के संबंध में कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई है। हर विवि में इसके लिए अलग-अलग नियम हैं। कई बार एक ही विवि में अलग-अलग नियम के तहत ही डिग्री अवॉर्ड करने की तारीख तय कर ली जाती है। असल में पीएचडी में बाकी पाठ्यक्रमों की तरह एक साथ परीक्षा नहीं होती है। साल में किसी समय इसका वाइवा होने के बाद डिग्री अवॉर्ड की जाती है। थीसिस जमा करने के बाद वाइवा होता है। कई जगह पर वाइवा की तारीख से पीएचडी अवॉर्ड मानी जाती है। जबकि कई जगह वाइवा होने और इसके बाद प्रोविजनल डिग्री मिलने की तारीख से पीएचडी मानी जाती है। इसी तरह दीक्षांत समारोह के बाद डिग्री मिल जाने को डिग्री की तारीख मानने की परंपरा भी है। इन पर एकरूपता लाने के लिए 21 अगस्त को कुलपति प्रो. एसपी सिंह की अध्यक्षता में बैठक होगी। बैठक में निकले निष्कर्ष के आधार पर ही कोई एक तारीख मानी जाएगी। इसे राजभवन भेजा जाएगा। राजभवन इसे सभी राज्य विश्वविद्यालयों के लिए लागू करेगा।