फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: पीजीआई कर्मचारी संघ ने 20 सूत्रीय लंबित मांगों को पूरा करने को 15 दिन का दिया समय, फिर आंदोलन का एलान

Sun, 20 Sep 2026 02:49 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

लखनऊ में पीजीआई कर्मचारी संघ ने रिटायरमेंट उम्र 63 साल करने समेत 20 मांगें रखीं। पूरी न होने पर 5 अक्तूबर से प्रदर्शन की चेतावनी दी है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
पीजीआई कर्मचारी संघ के पदाधिकारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी लखनऊ में संजय गांधी पीजीआई कर्मचारी महासंघ ने अपनी 20 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का एलान किया है। महासंघ ने प्रशासन को 15 कार्य दिवस का समय देते हुए मांगों के निस्तारण की मांग की है। निर्धारित अवधि में मांगों का समाधान नहीं होने पर कर्मचारी 5 अक्तूबर से प्रशासनिक भवन के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करेंगे।

विज्ञापन


कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष धर्मेश कुमार और महामंत्री सीमा शुक्ला ने निदेशक को पत्र भेजकर 15 कार्य दिवस का अल्टीमेटम दिया है। बताया कि कार्यकारिणी के बैठक में सर्वसम्मत से यह निर्णय लिया गया है।  समय से मांगों का निस्तारण नहीं होने पर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। महासंघ ने आंदोलन की स्थिति के लिए संस्थान प्रशासन को जिम्मेदार बताया है।

सेवानिवृत्ति की उम्र 63 वर्ष हो 

नियमित गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को तीन वर्ष का सेवा विस्तार देते हुए सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 63 वर्ष की जाए। मानकीकरण लागू होने के बाद विभिन्न संवर्गों में पदों एवं पदोन्नति को लेकर उत्पन्न विसंगतियों का निराकरण किया जाए। एम्स की तर्ज पर निर्धारित अहर्ता पूरी करने और पद रिक्त होने पर विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठक कराकर पदोन्नति दी जाए। नर्सिंग सहित सभी संवर्गों के ऐसे कर्मचारियों, जिन्होंने 30 वर्ष की सेवा पूरी कर ली है, उन्हें तृतीय एमएसीपी का लाभ दिया जाए।

इसके अलावा लेवल-9 और उससे ऊपर के कर्मचारियों को एम्स दिल्ली की तर्ज पर 5300 रुपये प्रतिमाह एचपीसीए, नर्सिंग संवर्ग में वरिष्ठ कर्मचारियों का वेतन कनिष्ठ के समान होने पर वेतन संरक्षण, एम्स की दरों पर ब्रीफकेस अलाउंस, कर्मचारियों एवं आश्रितों के लिए ओपीडी का समय दोपहर 1 से 2 बजे के स्थान पर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक करने की मांग शामिल है।

ये मांगें भी शामिल हैं

साथ ही हिंदी आशुलिपि एवं टंकण कार्य के लिए प्रोत्साहन भत्ता, ओटी, एमएसएसओ एवं फार्मासिस्ट संवर्ग के पदनाम एम्स के समान करने तथा संस्थान के कार्मिकों के लिए इमरजेंसी विभाग में बेड की संख्या बढ़ाने की मांग भी महासंघ ने प्रमुखता से उठाई है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें