रायबरेली। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटलों की तरह जिला अस्पताल में नाक, कान, गला (ईएनटी) में पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) की पढ़ाई को हरी झंडी मिल गई है। जल्द ही जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर मिलेंगे। ये डॉक्टर पढ़ाई के साथ ही मरीजों का इलाज भी करेंगे।
जिला अस्पताल में पांच विषयों में डिप्लोमेट नेशनल बोर्ड (डीएनबी) का तीन वर्षीय कोर्स होगा। सभी विषयों के लिए नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) में फीस के रूप में 11.95 लाख रुपये जमा किए गए हैं।
एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद डॉक्टरों को विशेषज्ञ चिकित्सक बनने के लिए पीजी की पढ़ाई करनी पड़ती है। जिला अस्पताल में भी पीजी की पढ़ाई की व्यवस्था की गई है। जिला पुरुष अस्पताल में ईएनटी, जनरल मेडिसिन, सनजर सर्जरी, नेत्र विभाग और बाल रोग विभाग में पीजी की पढ़ाई शुरू कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ईएनटी विभाग में पढ़ाई के लिए हरी झंडी मिल गई है। अन्य विभागों के लिए भी जल्द ही प्रक्रिया पूरी होगी, क्योंकि अस्पताल प्रशासन ने सभी कोर्स के लिए फीस भी जमा कर दी है। डीएनबी की पढ़ाई करने के लिए जूनियर रेजीडेंट व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर जिला अस्पताल को मिलेंगे।
लाइब्रेरी व क्लास के लिए सीएचओ हाॅल तैयार
जिला अस्पताल स्थित सीएचओ हाॅल में लाइब्रेरी के साथ डीएनबी की कक्षाएं चलेंगी। काॅन्फ्रेंस हाल, लेक्चर हाॅल आदि की व्यवस्था होगी। रेजिडेंट डॉक्टरों के रुकने के लिए अलग से हॉस्टल की व्यवस्था होगी। हर विभाग के लिए दो-दो रेजिडेंट डॉक्टर पढ़ाई के लिए मिलेंगे हैं।
ईएनटी विभाग में डीएनबी कोर्स की पढ़ाई शुरू कराने की स्वीकृति मिल गई है। सभी पांच विभागों के लिए 11.95 लाख रुपये फीस भी जमा की जा चुकी है। पढ़ाई के साथ ही मरीजों का इलाज होगा। डॉक्टरों की कमी की समस्या भी दूर होगी।
डॉ. महेंद्र मौर्या, सीएमएस जिला अस्पताल