पेट्रोलपंप से तेल चोरी करने के मामले में यूपी एसटीएफ को रविवार दोपहर बड़ी सफलता मिली। एसटीएफ की टीम ने तेल चोरी करने के लिए डिस्पेंसर यूनिट में लगाई जा रही माइक्रो चिप बनाने वाले महाराष्ट्र के थाणे निवासी विवेक हरिशचंद्र शेट्टी और पुणे निवासी अविनाश मनोहर नाइक को गिरफ्तार कर लिया।
इनके पास से 110 माइक्रो चिप, 201 रिमोट, 210 आरएक्स रिसीवर, 14 डिस्प्ले बोर्ड, डेल कंपनी का एक लैपटॉप, एलएंडटी और मिडको कंपनी की तीन-तीन व ड्रेसर वेन कंपनी की एक पल्सर यूनिट, एक प्रोग्रामर, एक ऑस्किलोस्कोप, एलएंडडी की एक एक पॉवर सप्लाई यूनिट, गिरबारको कंपनी का एक मदर बोर्ड व एक पेन ड्राइव बरामद हुई है।
एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक ने बताया कि पकड़े गए आरोपी फिलहाल महाराष्ट्र में ही हैं। उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा। उन्होंने बताया कि विवेक अपनी वर्कशॉप में चिप बनाने और सॉफ्टवेयर लोड करने का काम करता था जबकि अविनाश रिमोट बनाकर उनकी सप्लाई करता था।
दोनों के यूपी में पकड़े गए लोगों, तेल कंपनियों और मशीन लगाने वाली कंपनियों से संबंधों की पड़ताल की जा रही है। एसटीएफ को शातिरों के पास से बरामद पेन ड्राइव में तेल चोरी करने के लिए खासतौर से बनाया गया सॉफ्टवेयर भी मिल गया है।
गौरतलब है कि एसटीएफ ने 27 अप्रैल को एसटीएफ के एएसपी डॉ. अरविंद चतुर्वेदी ने लखनऊ के सात पेट्रोलपंप में छापे मारकर तेल चोरी के हजारों करोड़ रुपये के खेल का पर्दाफाश किया था। चार पेट्रोलपंप के मालिकों और पंप की डिस्पेंसर यूनिट में चिप लगाने वाले बिजली मिस्त्री राजेंद्र सहित 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
बाद में मिडको कंपनी के अजय चौरसिया को भी पकड़ा गया और देशभर के पेट्रोलपंप पर छापेमारी करके तेल चोरी का खेल पकड़ा गया।