हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव समेत विधायकों पंकज सिंह, नीरज वोरा व एमएलसी आशीष पटेल को बड़े सरकारी बंगले आवंटित किए जाने के मामले में राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है। अदालत ने मामले में सरकारी वकील को कहा है कि दो हफ्ते में राज्य सम्पत्ति विभाग के प्रमुख सचिव का विस्तार से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाए अन्यथा भारी हर्जाना लगाया जायेगा। न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल और न्यायमूर्ति आलोक माथुर की बेंच ने यह आदेश वकील मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया।
याची का कहना था कि नियमों की अनदेखी कर राजनीतिक वजहों से इन चार विधायकों को बड़े बंगले आवंटित किए गए हैं। कहा गया है कि जसवंत नगर से विधायक शिवपाल यादव को बंगला नंबर 6 लाल बहादुर शास्त्री मार्ग, आवंटित किया गया है जो पहले पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को आवंटित था। वहीं बंगला नंबर 1ए मॉल एवेन्यू विधान परिषद सदस्य आशीष पटेल को आवंटित किया गया है। यह बंगला पहले पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी को आवंटित था। जबकि बंगला नंबर ए 4 दिलकुशा कॉलोनी व ए 6 दिलकुशा कॉलोनी क्रमश: पंकज सिंह को व नीरज वोरा को आवंटित किया गया है।
याची ने दलील दी कि यह सभी लोग मात्र विधायक हैं, लिहाजा नियमानुसार टाइप छह के उक्त बंगले इन्हें नहीं आवंटित किए जा सकते। याचिका में इन सभी बंगलों के आवंटन को रद् किए जाने की मांग की गई है। याचिका में बंगलों के आवंटन में नियमों का पूर्णतया पालन कराए जाने की भी गुजारिश की गई है।
उधर सरकारी वकील का कहना था कि इन चारों विधायकों को उक्त बंगलों का आवंटन वर्ष 2016 के सरकारी आवासों को देने से संबंधित अधिनियम और नियमों के मुताबिक किया गया है जिसमें कोई अवैधानिकता नहीं है। इस पर अदालत ने उक्त आदेश देकर मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद नियत की है। याचिका में राज्य सरकार को जरिए राज्य सम्पत्ति विभाग के प्रमुख सचिव, राज्य सम्पत्ति अधिकारी समेत इन चारों विधायकों को पक्षकार बनाया गया है।