मुख्य सचिव ने कहा कि यह भी सुनिश्चित करें कि परीक्षा केन्द्रों पर स्थापित सीसीटीवी क्रियाशील हों। परीक्षा के दौरान आयोग और जिला मुख्यालय द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा की लाइव मॉनीटरिंग की जाए। सभी कार्मिकों और पुलिस कर्मियों को विधिवत प्रशिक्षण और ब्रीफिंग समय से हो। प्रश्न पत्रों और ओएमआर शीट की गोपनीयता बनाए रखने के लिए कोषागार में सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
दीपक कुमार ने कहा कि पेपर के सीलबंद पैकेट अभ्यर्थियों के सामने ही खोले जाएं। परीक्षा समाप्त होने के बाद सामग्री को सीलबंद किया जाए। बैठक में बताया गया कि परीक्षा की लगातार निगरानी के लिए 32,259 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अतिरिक्त 2,958 सेक्टर और स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 1,64,615 कार्मिकों की तैनाती की गई है। बैठक में यूपीएसएसएससी के अध्यक्ष डॉ. एसएन साबत, प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण संयुक्ता समद्दार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी आदि उपस्थित थे।
मुख्य सचिव ने बताया कि कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को प्रथम चरण में 2 अक्तूबर को छात्रवृत्ति का वितरण किया जाएगा। यह सीधे उनके बैंक खातों में किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए 31 अगस्त तक सभी विद्यालयों और जिला विद्यालय निरीक्षकों द्वारा मास्टर डाटा का सत्यापन और लॉक करने की प्रक्रिया पूरी करायी जाए। बचे छात्रों को दूसरे चरण में 31 दिसंबर तक भुगतान किया जाएगा।