शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये निकालने की छूट के बावजूद बैंकों के ‘फेरे’ लगाने को लोग मजबूर हैं। सोमवार को राजधानी में शादी का कार्ड लेकर बैंक पहुंचे किसी भी शख्स को यह रकम नहीं दी गई।
बैंक अफसरों ने परेशान लोगों को टका-सा जवाब दिया कि उनके पास ऐसा कोई आदेश नहीं है। सोमवार को बैंकों में भीड़ तो कम हुई लेकिन कैश की किल्लत रही। वहीं ज्यादातर एटीएम खाली होने से लोग पैसे के लिए एक से दूसरे एटीएम का चक्कर लगाते रहे।
आर्मी में मेजर आलोक सक्सेना ने बताया कि उनकी बिटिया की शादी में तीन दिन ही बचे हैं और बैंक वाले कह रहे हैं कि ‘पीएम मोदी ने ढाई लाख वाली योजना बंद कर दी’।
शादी कार्ड और पासबुक लेकर बैंक कर्मी से बातचीत कर रहे आलोक ने बताया कि कर्मचारी आदेश का रोना रो रहे हैं और ऐसे में बेटियों की शादी अब कैसे होगी? बैंक कर्मी कह रहे हैं कि जब तक आदेश था उन्होंने लोगों को पैसा दिया।
वह सवाल उठाते हैं कि अब वही बताए कि बेटी को कैसे विदा करें। जीवन की कमाई इसीलिए बचाकर रखी थी कि बेटी की धूमधाम से शादी करूंगा लेकिन नोटबंदी ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।