लखनऊ। आठ साल से बंद पड़े जय प्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय सेंटर (जेपीएनआईसी) परिसर का उपयोग अब आम लोग पार्किंग के रूप में कर सकेंगे। इसके लिए सेंटर परिसर की साफ-सफाई की गई है। हालांकि, अभी सेंटर के अधूरे काम पूरे करने और उसके विधिवत संचालन को लेकर तस्वीर साफ नहीं। यह जरूर है कि बीते वर्ष सरकार इसका संचालन एलडीए को सौंप था जिसके बाद एलडीए संचालन से जुड़ी तैयारियों में जुटा है।
पूर्व की सपा सरकार ने 2013 में समाजवादी चिंतक जय प्रकाश नारायण के नाम पर जेपीएनआई का निर्माण गोमती नगर में एलडीए कार्यालय के पास शुरू कराया था। 2017 मेंं निर्माण पूरा होने से पहले ही इसका काम बंद हो गया था। तब तक फिनिशिंग सहित करीब 50 करोड़ रुपये के काम बचे थे, जिसका बजट जारी नहीं हुआ। तब से यह सेंटर बंद पड़ा है। बीच में कई बार एलडीए ने इसे जहां है जैसा है कि स्थिति में निजी कंपनी को देकर संचालन शुरू करने की कोशिश की, मगर यह योजना कागज पर ही रह गई। करीब आठ वर्ष से बंद यह सेंटर बंद पड़ा है। पिछले दो वर्ष के बीच यह सेंटर राजनीति विवाद का अड्डा भी बना रहा। अब एलडीए ने बंद पड़े सेंटर को खोलने का निर्णय लेते हुए परिसर का इस्तेमाल पार्किंग के तौर पर करने का निर्णय लिया है। अभी एलडीए ऑफिस के बाहर अधिकारियों और आम लोगाें की गाड़ियां सड़क पर ही खड़ी होती हैं। अब सभी गाड़ियों को जेपीएनआईसी में खड़ा कराया जाएगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।
जब तक शुरू नहीं होता संचालन, चलती रहेगी पार्किंग
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि जब तक जेपीएनआईसी का संचालन पूरी तरह शुरू नहीं होता है, तब तक वहां वाहनों की पार्किंग कराई जाएगी। अभी एलडीए के गेट नंबर दो, चीनी निगम और पासपोर्ट ऑफिस की ओर बड़ी संख्या में गाड़ियां सड़क पर खड़ी होती हैं। इससे आवागमन भी बाधित होता है। इसे देखते हुए जेपीएनआईसी में खाली जगह पर पार्किंग शुरू कराई जाएगी।
जेपीएनआईसी बिल्डिंग और एलडीए कार्यालय के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ियां। - फोटो : संवाद
जेपीएनआईसी बिल्डिंग और एलडीए कार्यालय के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ियां। - फोटो : संवाद
जेपीएनआईसी बिल्डिंग और एलडीए कार्यालय के बाहर सड़क पर खड़ी गाड़ियां। - फोटो : संवाद