अगर लोकसभा चुनाव के लिए वोट मांगना हो, तो कृपया अंदर न आएं। यह लाइन मडियांव स्थित सिद्धार्थनगर कालोनी की मुख्य एंट्री पर ही लगे होर्डिंग पर दिख जाती है।
विकास नहीं मिला तो कालोनी के लोगों ने खुद ही तय कर लिया कि किसी नेता को घुसने नहीं देंगे।
अब कालोनी ने खुद का ही मेनीफेस्टो तैयार करने की पहल की है। मांग है कि पहले विकास कराइए, उसके बाद ही वोट मिलेगा।
नेताओं को करारा झटका
टूटी सड़क, बजबजाती नालियां और सिर के ऊपर झूलते बिजली के तार, यह सिद्धार्थनगर कालोनी के हालात हैं। पिछले लोकसभा चुनाव से यहां के लोगों को सिर्फ आश्वासन ही मिल रहा है। आश्वासन धरातल पर आकर विकास की शक्ल में कभी नहीं आया। इसका खामियाजा लोग बारिश के दिनों में जलभराव से भुगतते हैं।
वहीं बाकी दिनों में टूटी सड़क और बदहाल नालियां मुसीबत बनी रहती हैं। कई बार नगर निगम और स्थानीय पार्षद से शिकायत भी की।
इसके बाद भी कोई फायदा कालोनी को नहीं मिल सका। गणेश पूजा पर पिछले दिन कुछ नेता फिर आए। यहां भी सिर्फ आश्वासन ही मिल सका।
आने लगे हैं नेताजी के गुर्गे
स्थानीय लोगों के मुताबिक, फिर से लोकसभा चुनाव आए तो नेताजी और उनके गुर्गे क्षेत्र में नजर आने लगे हैं। इसके बाद क्षेत्रीय गजानन पूजा समिति की अगुआई में बैठक कर नेताओं को वोट मांगने के लिए अंदर नहीं आने देने का निर्णय लिया गया।
समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि करीब 15 दिन पहले हुई बैठक में निर्णय के बाद कालोनी की एंट्री पर यह होर्डिंग लगवाया गया। इसमें मांग की गई है कि वोट तभी मिलेगा जब विकास होगा।
कालोनी का बनेगा मेनीफेस्टो
कालोनी के लोगों ने खुद का मेनीफे स्टो नेताजी को दिए जाने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक ड्रॉपबॉक्स कालोनी में रखा गया है। इसमें लोगों से अपनी शिकायत रखकर डालने केलिए कहा है। इन शिकायतों को जुटाकर एक होर्डिंग तैयार किया जाएगा। जोकि कालोनी के बाहर लगा दिया जाएगा।
गजानन पूजा समिति के पदाधिकारी राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि लगातार आश्वासन से अब हम आजिज आ चुके हैं। पहले तो वोट मांगने के लिए आने वालों से ही मना किया गया है। अब अगर विकास नहीं हुआ तो फिर पूरी कालोनी चुनाव बहिष्कार भी करेगी।