इटौंजा के माधवपुर गांव के पास सीतापुर हाईवे पर सोमवार देर रात कानपुर से गोला जा रही रोडवेज बस का स्टेयरिंग फेल हो गया। इसके बाद बस अनियंत्रित होकर ट्रक में पीछे से टकराकर डिवाइडर पर चढ़ गई। हादसे में बस में सवार 32 यात्री घायल हो गए।
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जबकि बस चालक व एक यात्री की हालत ट्रॉमा सेंटर में नाजुक बनी हुई है। बस में 62 लोग सवार थे। इनमें अधिकतर शिक्षक थे। वहीं, हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर भाग निकला।
बस चालक ओंकार व कंडक्टर अजय कुमार वर्मा ने पुलिस को बताया कि स्टेयरिंग फेल होने से हादसा हुआ है। जबकि प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि तेज रफ्तार में ओवरटेक करने के चलते बस दुर्घटनाग्रस्त हुई है। इंस्पेक्टर इटौंजा मुखराम यादव ने बताया कि हादसे की जांच की जा रही है।
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टक्कर होते ही बस के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए थे। हादसे में बस में सवार 32 यात्री घायल हो गए। सूचना पर पुलिस व टोल प्लाजा के वाहनों ने घायलों को सीएचसी इटौंजा में पहुंचाया, जहां से दो को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
ये लोग हुए घायल
हादसे में हमीरपुर के प्रशांत कुमार द्विवेदी, कानपुर की रश्मिी, लखीमपुर की राजेश्वरी, सीतापुर के सिधौली निवासी मो. अहमद, उसका भाई फरीद अहमद, लखीमपुर के मो. अयूब, कानपुर के अमित पांडेय, लखीमपुर के हरिनाम, सीतापुर के सिधौली निवासी श्यामबीर सिंह, अंबेडकरनगर के राजीव कुमार, कानपुर का अनुज कुमार, आत्म प्रकाश, सुशील कुमार, कौशल कुमार वर्मा, पंकज तिवारी, जालौन निवासी रणंजय, अरविंद कुमार, औरैया के अमित कुमार, कानपुर की स्वाति, नीलिमा शुक्ला, दीप्ति, शबनम, शालिनी, रितु, चालक व कंडक्टर सहित 32 लोग घायल हो गए।
25 अन्य यात्रियों को भी मामूली चोटें आई हैं। गंभीर हालत में बस चालक व यात्री प्रशांत को ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया।
घायलों में अधिकतर शिक्षक कंडक्टर अजय ने बताया कि बस में 62 यात्री सवार थे। इनमें ज्यादातर यात्री शिक्षक हैं और रक्षाबंधन के बाद लखीमपुर व सीतापुर जा रहे थे। इंस्पेक्टर मुखराम यादव ने बताया कि उपचार के बाद घायलों व अन्य लोगों को तीन बसों से लखीमपुर, सीतापुर व अन्य स्थानों पर भिजवाया गया। यह सिलसिला रात ढाई बजे से सुबह छह बजे तक चला।
हादसे के चलते सीतापुर रोड की एक पटरी पर करीब दो घंटे जाम की स्थिति बनी रही। टोल प्लाजा से क्रेन मंगवाकर बस को सड़क से हटाया गया। इसके बाद आवागमन सुचारु हो सका।
सीएचसी में दो घंटे अफरातफरी घायल जब सीएचसी पहुंचे तो वहां भी दो घंटे अफरातफरी रही। नाइट ड्यूटी पर तैनात स्टाफ ने किसी तरह स्थिति संभाली। करीब पांच बजे तक सीएचसी में घायलों का इलाज किया गया।
पुलिसकर्मियों के साथ-साथ होमगार्ड बने मददगार हादसे के बाद इटौंजा थाने के सिपाहियों के अलावा कई होमगार्डों ने भी घायलों को अस्पताल तक ले जाने में मदद की। थाने की दो जीपों, टोल प्लाजा की एक टाटा मैजिक, समाजवादी एंबुलेंस से घायलों को सीएचसी पहुंचाया गया।