लखनऊ की हाजी कॉलोनी में संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह और एटीएस कमांडो के बीच लाइव एनकाउंटर देखकर खाड़ी के देशों में बैठे लोगों ने यहां रह रही पत्नियों को मकान छोड़कर किसी सुरक्षित जगह पर जाने की सलाह दी है। कॉलोनी के अधिकतर लोगों का कहना है कि अब यहां रहना उनके व परिवारीजनों के लिए सुरक्षित नहीं रह गया है।
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पुलिस तैनात पर लोगों को नहीं भरोसा
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ऑपरेशन के लिए तैनात कमांडो
पांच साल पहले यहां मकान बनवाने वाले खलील की पत्नी तंजीम ने बताया कि घर के पास संदिग्ध आतंकी रह रहे थे और भनक तक नहीं लगी। पति सऊदी अरब में नौकरी करते हैं। यहां वह दो बच्चों के साथ अकेले रहती हैं। अगर कोई बड़ी घटना हो जाती तो बचना मुश्किल था।
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आतंकी हमला
यही दहशत शफीक की पत्नी यास्मीन की भी थी। शफीक भी सऊदी अरब में हैं। टीवी पर लाइव एनकाउंटर देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने पत्नी को फोन किया और मकान छोड़कर किसी सुरक्षित ठिकाने पर जाने को कहा।
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आतंकी
खलील ने भी पत्नी को फोन कर किसी रिश्तेदार के घर जाने की सलाह दी। उधर, सैफुल्लाह के बाद गौस मोहम्मद के भी कॉलोनी में ही किराये पर रहने की जानकारी के बाद वहां रहने वालों में दहशत और बढ़ गई है।
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आतंकी
कई लोग ताला लगाकर किसी रिश्तेदार या करीबी के घर चले जाते हैं और रात को सिर्फ सोने के लिए लौटते हैं। हालांकि, सुरक्षा का अहसास दिलाने के लिए मस्जिद के पास पुलिस तैनात है लेकिन कॉलोनी के लोग भरोसा नहीं कर पा रहे हैं।
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आतंकी
- फोटो : amar ujala
बादशाह के मकान का दूसरा किरायेदार महबूब गर्भवती पत्नी असिया और बेटियों सानिया, सबा और सना को लेकर प्रतापगढ़ स्थित गांव चला गया।
मुठभेड़ कांड के बाद वह अपने कमरे में नहीं जा सका है। इसी मकान के दूसरे कमरे में रहने वाला नसीर भी उसके साथ ही गांव चला गया है जबकि नसीर के साथ रह रहा साथी श्याम किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो गया है।