शहर का ‘दिल’ हजरतगंज हो या नवाबी पहचान वाला कैसरबाग, शराब के शौकीन हर शाम अंगूर की बेटी के साथ झूमते दिख जाते हैं।
शाम ढलते ही राजधानी की सड़कें, फुटपाथ और पार्किंग स्थल ओपन बार में बदल जाते हैं। लड़खड़ाते और गिरते-पड़ते पियक्कड़ आम नजारा हो गए हैं। अक्सर पियक्कड़ों में झगड़ा और खून-खराबा भी होता है।
सोमवार शाम कृष्णानगर में फीनिक्स मॉल के पास शराबखोरी के दौरान गुंडागर्दी चरम पर पहुंच गई। एक युवक को दौड़ाकर गोलियां मारी गईं।
इस इलाके में शराब की कई दुकानों के बाहर अक्सर पियक्कड़ों का जमावड़ा रहता है। सोचने वाली बात यह है कि कहीं थाना के सामने ओपन बार चल रहे थे तो कहीं पुलिस पिकेट की नाक के नीचे।
समय- रात 9:00 बजेस्थान- महानगर थाने के पास स्थित मॉडल शॉप मॉडल शॉप के बाहर सड़क पर ही छात्रों का जमावड़ा दिखा। कोई अपनी बाइक पर बैठकर खुलेआम बीयर पी रहा था तो कोई बंद दुकानों की रेलिंग पर बैठा था। सड़क का काफी हिस्सा बियर व शराब पीने वालों ने घेर रखा था।
मॉडल शॉप के बाहर बड़ी-बड़ी लग्जरी वाहनों में बीयर और शराब पीने वालों की भी कमी नहीं थी। कार पर बैठे लोगों की सेवा में दुकान के लड़के लगे थे।
हार्न बजाते ही सेवा उपलब्ध हो रही थी। थाना यहां से चंद कदम दूर ही है लेकिन कोई पुलिसकर्मी न देखने वाला था न टोकने वाला।
समय- रात 9:50 बजेस्थान- पॉलीटेक्निक चौराहापॉलीटेक्निक चौराहा पर स्थित बीयर शॉप के बाहर छोटे-छोटे झुंड में पियक्कड़ एकत्र थे। कोई दुकान के बाहर कोई पीछे गली में तो कोई सड़क किनारे खड़े होकर ही बैठकर बीयर पी रहा था। चौराहा से चंद कदम दूर ही पुलिस पिकेट है लेकिन कोई पुलिसकर्मी यहां झांकने तक नहीं आता।