शताब्दी के बराबर किराया करने के बावजूद तेजस एक्सप्रेस को यात्री नहीं मिल रहे हैं। 14 फरवरी को तेजस की चेयरकार में 651 और एग्जीक्यूटिव क्लास में 49 सीटें खाली हैं।
जबकि दिल्ली के लिए पहले से चल रहीं वीआईपी ट्रेनों में भी कुछ ही सीटें बुक हो रही हैं। टिकट बुकिंग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि कोरोना के बाद से ही जिन वीआईपी ट्रेनों में पहले जहां वेटिंग 400-500 होती थी।
अब सीटें आसानी से मिल जा रही हैं। ऐसे में यात्री तेजस एक्सप्रेस को तरजीह नहीं दे रहे हैं। तेजस एक्सप्रेस 14 फरवरी से दोबारा शुरू हो रही है।
पहले दिन चेयरकार में 651 और एग्जीक्यूटिव क्लास में 49 सीटें खाली हैं। वहीं, इसी तारीख पर शताब्दी एक्सप्रेस की चेयरकार में 773 और एग्जीक्यूटिव क्लास में 14 सीटें खाली हैं।
हालांकि, आईआरसीटीसी के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक अनिल गुप्ता ने बताया कि तेजस एक्सप्रेस में सभी सुविधाओं को पहला जैसा ही रखा गया है। उम्मीद है कि यात्री तेजस में बुकिंग कराएंगे।
दूसरी प्राइमरी ट्रेनों में भी सीटें खाली
एसी एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 313, सेकंड एसी में 94 और फर्स्ट एसी में 13 सीटें तथा लखनऊ मेल जैसी वीआईपी ट्रेन की सेकंड सिटिंग क्लास में 156 सीटें हैं, लेकिन स्लीपर में आरएसी 92 चल रहा है, पर थर्ड एसी में 30 सीटें रिक्त हैं। ऐसे ही गोमती एक्सप्रेस की सेकंड क्लास में 1470, चेयरकार में 45 और एसी-टू में 8 तथा हमसफर एक्सप्रेस की थर्ड एसी में 862 सीटें खाली हैं। जिनका किराया तेजस से कम है।