बहराइच के बिछिया के पास जंगल से सटे इलाकों में हर मार्ग पर ग्रामीणों का सामना बाघ और तेंदुओं से हो रहा है। ग्रामीण घर से निकलने में डर रहे हैं। वे सहमे हुए हैं। बीते गुरुवार से सुजौली बिछिया मार्ग पर बाघिन और दो शावकों का मूवमेंट भी रहा। वनाधिकारियों का कहना है कि जंगल में बाघ और तेंदुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। यह सुखद है। ग्रामीण सजग रहें। हलांकि अब तक सुरक्षा के उपाय नहीं हो सके हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में बीते एक माह से बाघ और तेंदुओं का मूवमेंट आबादी की ओर तेजी से बढ़ा है। निरंतर हमले भी हो रहे हैं। गांव की पगडंडियों और मुख्य मार्गों पर बाघ और तेंदुए अक्सर दिखाई पड़ रहे हैं। बीते दो दिनों से बिछिया-सुजौली मार्ग पर जंगल से सटे गन्ने के खेतों के आसपास बाघिन दो शावकों के साथ दिखाई पड़ रही है। दो दिन पूर्व बाघिन के गिरिजापुरी-बिछिया मार्ग पर आने से आवागमन भी प्रभावित हुआ था। निशानगाड़ा, आंबा, बर्दिया मार्गों पर भी वन्यजीव अक्सर दिखाई पड़ रहे हैं। आसपास गांव के लोगों का कहना है कि आए दिन रात में बाघ की दहाड़ सुनाई पड़ती है लेकिन सुरक्षा के कोई उपाय नहीं हो सके हैं।