आवंटियों से वादे के बावजूद सुविधाएं न देने पर रेरा कोर्ट का आदेश
ग्रीनवुड अपार्टमेंट में फ्लैटों के पंजीकरण के समय आवंटियों से सुविधाओं को लेकर किए वादे पूरा न करने पर रेरा कोर्ट ने एलडीए पर पूरे प्रोजेक्ट का पांच प्रतिशत तक जुर्माना लगाने का आदेश दिया है। इससे आई और जे ब्लॉक के करीब 150 आवंटियों को राहत मिलेगी। पूर्व के आदेश के बावजूद वादा पूरा न करने पर यह आदेश दिया गया। पूर्व के आदेश के खिलाफ एलडीए रेेरा की अपील कोर्ट गया था, जहां उसकी अपील खारिज हो गई।
एलडीए ने जब गोमती नगर विस्तार स्थित ग्रीनवुड अपार्टमेंट का पंजीकरण खोला था तो अत्याधुनिक कम्यूनिटी सेंटर, पार्क के साथ खिड़कियों में यूपीवीसी स्लाइडिंग सिस्टम, किचन में एग्जास्ट फैन के साथ कई और वादे किए थे, लेकिन इन्हें पूरा नहीं किया गया। अपार्टमेंट में फायर सिस्टम तक चालू नहीं किया गया। इसके अलावा प्राधिकरण ने मेंटेनेंस के लिए आवंटियों का कॉपर्स फंड भी अपार्टमेंट के आई, जे ब्लॉक की आवासीय समिति को नहीं दिया। पूर्व में रेरा अध्यक्ष राजीव कुमार ने आदेश में अपार्टमेंट एक्ट के तहत नियमानुसार सोसायटी बनाने और उसके सभी देय (मेंटेनेंस और कॉपर्स फंड शामिल) को ग्रीनवुड आई, जे ब्लॉक को देने के लिए कहा था। हालांकि, एलडीए इस आदेश का पालन करने की बजाय रेरा अपील में चला गया।
बीते माह सुनवाई के बाद सुरक्षित किया फैसला मंगलवार को जारी कर दिया गया, जिसमें प्राधिकरण की अपील खारिज कर दी गई। आदेश को रेरा तक ले जाने वाले लखनऊ जल कल्याण महासमिति अध्यक्ष उमाशंकर दुबे ने कहा कि एलडीए ने सभी आवंटियों के साथ धोखा किया है। ऐसे में यह आदेश न सिर्फ ग्रीनवुड, बल्कि प्राधिकरण के राजधानी के सभी अपार्टमेंट के आवंटियों को हक दिलाने में वरदान साबित होगा। रेरा कोर्ट ने सेक्शन 63 के तहत एलडीए के खिलाफ कार्यवाही के लिए रेरा सचिव को निर्देश दिए हैं। इसमें कोर्ट के आदेश का पालन न करने में पूरे प्रोजेक्ट का पांच प्रतिशत अर्थदंड लगाने का प्रावधान है।