पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग को मिला स्टाफ
लखनऊ। केजीएमयू में साल भर अधर में लटके पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग में सोमवार से बच्चों की भर्ती शुरू होगी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इस विभाग को शुरू करने के लिए साल भर पहले मान्यता दी थी। वार्ड बनाने के लिए 50 लाख रुपये भी मिले थे। नर्सिंग स्टॉफ व संसाधन की कमी से विभाग का संचालन नहीं हो पा रहा था। केजीएमयू प्रशासन ने विभाग के संचालन के लिए नर्सिंग स्टॉफ दे दिया है।
अमर उजाला ने 13 जून को ‘50 लाख खर्च के बाद भी 20 बेडों पर इलाज नहीं’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। 13 जुलाई को ‘एमसीएच की सीटों पर संकट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की। लगातार खबरें छपने के बाद केजीएमयू प्रशासन हरकत में आया और मान्यता बचाने के लिए आंतरिक स्रोत से नर्सिंग स्टाफ देने पर राजी हो गया। केजीएमयू में ऑर्थोपेडिक्स विभाग से अलग होकर पीडियाट्रिक ऑर्थोपेडिक्स विभाग बना। इसके विभागाध्यक्ष प्रो. अजय कुमार हैं। केजीएमयू प्रवक्ता प्रो. संदीप तिवारी ने बताया कि विभाग में सोमवार से बच्चों को भर्ती किया जाएगा।