लखनऊ। पूर्व राज्य मंत्री राजेश यादव ने बुधवार को कहा कि भाजपा सरकार संविधान को तार-तार करने में लगी है। दलित और अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न लगातार बढ़ रहा है। मौजूदा सरकार में सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तक सुरक्षित नहीं रह गए हैं। उन्होंने कहा कि पीडीए दलित, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों आवाज को बुलंद करने का काम करेगा।
प्रेस क्लब में पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में हाशिए पर पहुंच चुके पिछड़ी, दलित जातियों के साथ अल्पसंख्यकों को एक मंच पर लाने के लिए अभियान शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान में उन अगड़ी जातियों को भी जोड़ा जाएगा जो उत्पीड़न का शिकार हैं। राष्ट्र कुर्मी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल वर्मा ने कहा कि पीडीए समाज की आवाज को बुलंद करने के लिए प्रदेश भर में जल्द ही यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव से मिल कर तिथि तय की जाएगी। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार महासंघ के प्रदेश उपाध्यक्ष संत प्रकाश यादव ने कहा कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मौके पर रावत संघर्ष मोर्चा के सचिन रावत, राष्ट्र कुर्मी महासंघ के सचिव अखिलेश वर्मा, गौतम एकता समिति के अध्यक्ष लाल जी गौतम, व्यापारी नेता सुजीत यादव, विजय कुमार, मनोज पाल, विमल साहू आदि ने संबोधित किया।
प्रेसवार्ता करते राजेश यादव।