पहली बाद प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की गई पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा-2024 में शामिल अभ्यर्थियों को सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र ने उलझाकर रख दिया। करंट अफेयर्स के सवालों में तथ्यों की भरमार रही। जवाब देने में अभ्यर्थियों के पसीने छूट गए।
रविवार को प्रदेश भर के 1331 केंद्रों में हुई परीक्षा के लिए पंजीकृत 5,76,154 अभ्यर्थियों में से 42 फीसदी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सुबह 9:30 से 11:30 बजे के सत्र में हुई सामान्य अध्ययन की परीक्षा में कुल 150 सवाल पूछे गए, जिसमें करंट अफेयर्स के करीब 21 प्रश्न रहे।
इन सवालों में तथ्यों का आलम यह रहा कि कल्याणकारी योजनाओं का प्रीमियम तक पूछ लिया गया। वहीं, दूसरी तरफ बजट, लोकसभा चुनाव, ओलंपिक, महाकुंभ आदि महत्वपूर्ण घटनाओं की कोई चर्चा तक नहीं हुई, जबकि अभ्यर्थियों ने इन्हें केंद्र में रखकर तैयारी की थी। सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्र में इतिहास के करीब 26, भूगोल के 29, पर्यावरण के छह, अर्थव्यवस्था के 28, राजव्यवस्था के 22, विज्ञान के 16 और विविध के दो प्रश्न शामिल रहे।
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस बार के पेपर का पैटर्न पिछले वर्ष की अपेक्षा काफी जटिल था। क्रोनोलॉजी और कथन-कारण के प्रश्नों की संख्या काफी अधिक थी, इसलिए प्रश्नपत्र हल करने में अधिक समय लगा। वहीं, विशेषज्ञों का मानना है कि आयोग द्वारा तैयार प्रश्नपत्र शायद अब तक का सबसे कठिन प्रश्नपत्र रहा है। सतही तैयारी या रटने वाले आकड़ों से दूर एक स्तरीय तैयारी और व्यापक रूप से मुख्य परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्र ही कुछ हद तक सहज नजर आए।
उत्तर प्रदेश प्रदेश लोक सेवा आयोग ने संदेश देने की कोशिश की है कि पीसीएस की तैयारी गंभीरता से करने वाले ही प्रारंभिक परीक्षा में सफल हो सकेंगे। इस बार मेरिट बहुत ही कम रहने की उम्मीद है।