बीफार्मा, डीफार्मा को पीसीआई से मान्यता
लखनऊ। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में संचालित बीफार्मा (बैचलर ऑफ फार्मेसी) और डीफार्मा (डिप्लोमा इन फार्मेसी) पाठ्यक्रमों को फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) से मान्यता मिल गई है। पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद छात्र फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण कराने के लिए पात्र हो जाएंगे। इससे छात्रों के लिए फार्मेसी क्षेत्र में विविध रोजगार के अवसर खुलेंगे।