लखनऊ। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में किराये के भवनों में चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों के किराये का भुगतान छह माह से नहीं हुआ है। एनएचएम की ओर से भुगतान रुकने के कारण भवन मालिक लगातार सीएमओ कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उन्हें लौटाया जा रहा है। स्थिति इतनी खराब है कि कई केंद्रों का बिजली बिल तक जमा नहीं हुआ, जिससे कनेक्शन काटने की नौबत आ गई। त्रिवेणी नगर पीएचसी में तो पिछले माह बिजली काट दी गई थी, जिससे चिकित्सा कार्य बाधित हुए। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप पर बिजली पुनः जोड़ी गई।
सीएमओ के अधीन जिले में 108 हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 30 पीएचसी और 100 सब सेंटर किराये के भवनों में संचालित हैं। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का किराया 25,000 से 50,000 रुपये मासिक है। पीएचसी का 15,000 से 25,000 रुपये, सब सेंटर किराया 3,000 रुपये मासिक है, मगर एनएचएम से भुगतान न आने के कारण इन सभी केंद्रों का किराया लंबित है, जिससे भवन मालिक वित्तीय संकट में हैं और कई ने केंद्र खाली कराने की चेतावनी दे दी है।
सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने कहा कि भवन किराया व बिजली बिल भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस माह के अंत तक भुगतान कर दिया जाएगा।