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बड़े सपने देखो और कठिन परिश्रम करो, पौलोमी पाविनी ने छात्रों को दिए सफलता के मंत्र

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पौलोमी पाविनी को सम्मानित करते सीएमएस स्कूल के संस्‍थापक जगदीश गांधी। - फोटो : ??? ?????
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लखनऊ। बड़ा सोचो, लक्ष्य बड़े रखो, सपने बड़े देखो और उन्हें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम करो। छात्रों को सफलता के ये मंत्र फोर्ब्स इंडिया की अंडर 30 की सूची में शामिल पौलोमी पाविनी ने दिए। सीएमएस गोमती नगर की पूर्व छात्रा व उच्चतम न्यायालय की अधिवक्ता, लेखिका और समाज सेविका पौलोमी का मंगलवार को विद्यालय में सम्मान किया गया। इस अवसर पर उनके व उनके भाई द्वारा लिखी किताब दी वीकेस्ट का विमोचन भी किया गया।
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छात्रों को संबोधित करते हुए पौलोमी ने कहा कि हमेशा विनम्र रहें। सबसे पहले अपने प्रति विनम्रता बरतें। आपसे कुछ गलत हो या आप कोई कार्य पूरा न कर पाएं हों तो अपने को प्रताड़ित न करें। मेरे अंदर विनम्रता है इसलिए मैं अनाथ बच्चों के लिए कुछ करने की हिम्मत मिली। पौलोमी ने कहा कि शिक्षा के अधिकार (आरटीई) में भी अनाथ बच्चों को शामिल किया जाए। दूसरी सरकारी योजनाओं का भी लाभ उन्हें मिले।
फेयरवेल पर दी थी आखिरी स्पीच
पौलोमी ने बताया कि आखिरी बार उन्होंने स्कूल के मंच पर फेयरवेल की स्पीच दी थी। उन्होंने कहा कि डॉ. जगदीश गांधी मेरे गुरु हैं। जब पहली बार स्कूल की तरफ से देश से बाहर स्विट्जरलैंड में कार्यक्रम में प्रतिभाग करने जा रही थी तो मम्मी को चिंता सता रही थी। तब डॉ. गांधी ने हौसला दिया कि जितना करोगी उतना आगे बढ़ोगी। वहीं, डॉ. जगदीश गांधी ने कहा कि कोई भी बच्चा कुछ भी कर सकता है। बस उसमें लगन और प्रतिभा होनी चाहिए। इस अवसर पर प्रधानाचार्या संगीता बनर्जी, वरिष्ठ प्रधानाचार्या मंजीत बत्रा समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
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