पटना में पिछले दिनों हुए विस्फोट में मौके से दबोचे गए संदिग्ध आतंकी इम्तियाज न सिर्फ आईएम कमांडर वकास पाकिस्तानी बल्कि तहसीन अख्तर से भी संपर्क में था।
वह पिछले कुछ वर्षों में कई बार उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के कुछ जिलों में आ चुका था।
अभी तक की पड़ताल में इम्तियाज के मऊ कनेक्शन की पुख्ता जानकारी सामने आ चुकी है।
एनआईए को अंदेशा है कि यूपी के पूर्वांचल में सक्रिय आईएम के माड्.यूल से इम्तियाज संपर्क में था। इम्तियाज से एनआईए इस माड्यूल के बारे में पूछताछ करेगी।
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पटना में सीरियल ब्लास्ट के समय ही पटना रेलवे स्टेशन से भागते समय पकड़े गए इम्तियाज के यूपी कनेक्शन की बात उसी समय सामने आ गई थी।
उसके पास से बरामद डायरी में यूपी के कई फोन नंबर लिखे पाए गए थे। इनमें से कुछ तो उसके रिश्तेदारों के थे, जबकि कुछ नंबरों की अभी पड़ताल चल रही है।
इम्तियाज को गिरफ्तार कर जेल भेजने के बाद उसे दोबारा रिमांड पर लिया जा चुका है।
रिमांड पर उससे विभिन्न जांच एजेंसियों ने पूछताछ की है, जिसमें उसका मऊ का कनेक्शन स्थापित हो चुका है।
हालांकि, इम्तियाज ने यह दावा किया है कि मऊ में उसका भतीजा रहता है, लेकिन जांच एजेंसियों को अंदेशा है कि भतीजे के अलावा इम्तियाज के मऊ में और भी संपर्क हो सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि मुंबई से पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद रुपईडीहा रेलवे स्टेशन से पकड़े गए अफजल उस्मानी के भी मऊ से रिश्ते सामने आ चुके हैं।
इम्तियाज से पूछताछ के क्रम में हालांकि अन्य जांच एजेंसियों के साथ एनआईए की एक टीम भी मौजूद है, लेकिन अभी तक इस मामले की जांच पटना क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है।
एनआईए के सूत्रों का कहना शुक्रवार तक प्रकरण की जांच एनआईए अपने हाथ में लेगी। इस बीच एनआईए के साथ ही एटीएस की भी एक टीम पूर्वी उत्तर प्रदेश में आईएम के आतंकियों के सुराग तलाशने की कवायद में जुट गई है।
एनआईए के सूत्रों के मुताबिक इम्तियाज को रिमांड पर लेकर उत्तर प्रदेश लाए जाने का विचार है। उससे उसके यूपी कनेक्शनों के बारे में विस्तृत पूछताछ की जानी है।
इस बात की भी तस्दीक की जानी है कि उसका तहसीन अख्तर से कब-कब संपर्क हुआ। यह भी पूछा जाना है कि क्या जिस दौरान अफजल उस्मानी फरार होकर यूपी में छिपा था, उस दौरान इम्तियाज और अफजल में आपस में संपर्क हुआ।
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