लखनऊ। केजीएमयू में बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट शुरू होगी। इससे मरीजों को दूसरे संस्थानों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। यूनिट को स्थापित करने के लिए आदित्य बिरला कैप्टिल फाउंडेशन व कैनकिड्स सीएसआर फंद से मदद मिलेगी।
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि आठ बेड की बोनमेरो ट्रांसप्लांट यूनिट शताब्दी भवन के हिमेटोलॉजी विभाग स्थापित होगी। आदित्य बिरला कैप्टिल फाउंडेशन और कैनकिड्स सीएसआर फंड से 2.75 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद करेगा। बृहस्पतिवार को राजभवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में केजीएमयू आदित्य बिरला कैपिटल फाउंडेशन और कैनकिड्स के बीच समझौता हुआ है। अगले छह माह में यूनिट बनकर तैयार होगी।
राज्यपाल ने कहा नई यूनिट बनने से मरीजों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी। डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि यूनिट में हेपा फिल्टर लगाए जाएंगे। सीधी हवा से मरीज बैक्टीरिया, वायरस व फंगस की चपेट में आ सकते हैं। इसलिए यूनिट में फिल्टर हवा की आपूर्ति होगी। निजी अस्पताल में करीब 50 लाख रुपये में बोनमैरो ट्रांसप्लांट हो रहा है। केजीएमयू में तीमारदार से बोनमैरो लेकर ट्रांसप्लांट करने पर करीब 10 लाख रुपये का खर्च आएगा। जबकि मरीज के बोनमैरो यानी ऑटोलॉगस ट्रांसप्लांट पांच से छह लाख रुपये में होगा।
नेफ्रोलॉजी यूनिट में पांच बेड का आईसीयू तैयार
कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने बताया संस्थान में गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए अभी तक आईसीयू न होने से गुर्दा प्रत्यारोपण नहीं हो पा रहा था। शताब्दी भवन स्थित नेफ्रोलॉजी विभाग में पांच बेड का आईसीयू तैयार हो गया है। ट्रांसप्लांट के लिए मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। यहां पर जल्द ही ट्रांसप्लांट शुरू होंगे।