लखनऊ। केजीएमयू के प्रदेशभर में टेलीमेडिसिन सेवाएं मुहैया कराने में सरकार ने अहम कदम उठाया है। टेलीमेडिसिन को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए मंजूरी दे दी गई है। इसकी मदद से प्रदेश भर में मरीजों को घर के पास के स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श की सुविधा मिल सकेगी।
केजीएमयू टेलीमेडिसिन यूनिट के नोडल इंचार्ज डॉ. शीतल वर्मा ने कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के मार्गदर्शन में इसका प्रस्ताव पेश किया था। डॉ. शीतल वर्मा ने बताया कि मरीजों को ऑनलाइन परामर्श के दौरान सही जांच, सलाह, उचित दवाएं और समय पर रेफरल मिल सकेगा। इसके लिए डॉक्टर टेली-परामर्श सेवाओं की नियमित निगरानी भी करेंगे।
डॉ. शीतल वर्मा ने कहा कि टेलीमेडिसिन सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें यह सिखाया जाएगा कि ऑनलाइन माध्यम से मरीजों से किस तरह प्रभावी संवाद किया जाए। रोग की पहचान कैसे करें? डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपचार संबंधी निर्णय कैसे लें? उन्होंने बताया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि घर बैठे मिलने वाली डॉक्टर सलाह भी उतनी ही भरोसेमंद और प्रभावी हो, जितनी अस्पताल में आमने-सामने मिलने वाली परामर्श होती है।