लखनऊ। राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम के तहत अब आशाएं अपने इलाके में मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए मरीज खोजेंगी। फिर इनकी स्क्रीनिंग करके सीएचसी या जिला अस्पताल में ऑपरेशन के लिए पंजीकृत कराएंगी।
एनएचएम की ओर से पहली बार दिए गए रजिस्टर में आशाओं को मरीजों का रिकॉर्ड लिखकर संबंधित केंद्र पर देना होगा। जिले में करीब 2300 आशाएं हैं। ये अपने क्षेत्र की एक हजार की आबादी में 50 की उम्र पार कर चुके लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। सीएमओ डॉ. एनबी सिंह के मुताबिक, एक ऑपरेशन कराने पर आशाओं को 50 रुपये मिलेंगे।