चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है किस्वाइन फ्लू के केस हर तीन से चार साल में बढ़ते हैं। पिछले दो साल की अपेक्षा इस बार केस अधिक हैं। त्योहारों की छुट्टी के बाद आवागमन बढ़ना भी एक वजह है। इसे नियंत्रित करने के लगातार प्रयास किया जा रहा है। सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों व अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि स्वास्थ्यकर्मियों को जल्द से जल्द स्वाइन फ्लू का टीका लगवाएं। अस्पतालों में अलग से वार्ड बनाने, दवाओं के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।
मास्क लगाने की सलाह
लोहिया संस्थान के विभागाध्यक्ष मेडिसिन डॉ. विक्रम सिंह का कहना है कि स्वाइन फ्लू के लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। लक्षण दिखते ही जांच कराएं। मास्क का प्रयोग कर रेस्पेरेटरी से संबंधित सभी बीमारियों को रोका जा सकता है। कोविड की तरह स्वाइन फ्लू के दौर में भी मास्क अपनाने की जरूरत है। पहले टिपिकल निमोनिया समझ कर इलाज होता था। अब ऐसे लक्षण दिखते ही स्वाइन फ्लू की जांच कराई जा रही है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ी है, लेकिन अच्छी बात यह है कि मरीज ठीक हो रहे हैं।