राजधानी के सरकारी अस्पतालों और सीएचसी-पीएचसी में दूसरे दिन शनिवार को भी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से सेवाएं दो घंटे तक बेपटरी रहीं।
अनुमान के मुताबिक, करीब दो हजार मरीज बिना जांच व इलाज लौटने को मजबूर हुए। बलरामपुर, सिविल, बीआरडी महानगर, लोकबंधु, रानीलक्ष्मीबाई, झलकारीबाई, डफरिन समेत सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सुबह आठ से 10 बजे तक इलाज बंद रहा।
दो घंटे तक वार्डों में भर्ती मरीजों को दवाएं नहीं चढ़ाई गईं। जबकि दूरदराज से आए मरीजों को इलाज नहीं मिला।
दो घंटे तक अस्पताल में नारेबाजी व हंगामा देख तीमारदार मरीजों को लेकर लौट गए। करीब दो हजार से अधिक मरीज बिना इलाज लौटे और डेढ़ से दो सौ मरीज जांच न होने से लौटने को मजबूर हुए।
प्रदर्शनकारियों से झड़प
बलरामपुर अस्पताल में प्रदर्शनकारियों और आरडीसी कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प हुई। सुबह करीब नौ बजे ओपीडी हाल के कमरा संख्या सात में स्वास्थ्यकर्मी राजेश श्रीवास्तव, ओपी पांडेय समेत कई अन्य कर्मी मरीजों के खून के नमूने ले रहे थे। इस बीच अस्पताल के कुछ कर्मचारी कार्य बहिष्कार की मांग करते हुए कामकाज बंद कराने पहुंचे। इसे लेकर आरडीसी कर्मचारी व प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हुई। मामले की शिकायत हुई है।