लखनऊ। शहर में रविवार को आयोजित जन आरोग्य मेले में स्वास्थ्य सेवाओं की सच्चाई अफसरों के दावों के विपरीत निकली। मेले के नाम पर केवल खानापूरी की जा रही है। अधिकांश केंद्रों पर न तो दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था थी और न ही जांच किटें उपलब्ध थीं। अफसरों के “सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं” के दावे झूठे साबित हुए। मरीजों को अधूरी दवाएं देकर बाहर से खरीदने की सलाह दी जा रही है। कई जगह जांच न होने पर उन्हें सीएचसी भेजा गया। रविवार को शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई जन आरोग्य केंद्रों की पड़ताल में लापरवाही के कई उदाहरण सामने आए।
समय : 12 बजे
स्थान : बड़ा चांदगंज जन आरोग्य मंदिर
कपूरथला स्थित बड़ा चांदगंज जन आरोग्य मंदिर पर डॉक्टर और स्टाफ तो मौजूद थे, लेकिन जांच की व्यवस्था नहीं थी। जब डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और टायफाइड की जांच के बारे में पूछा गया, तो डॉक्टर ने बताया कि केवल डेंगू और मलेरिया की जांच हो सकती है। टायफाइड और चिकनगुनिया की जांच के लिए किट नहीं थी। इसके लिए मरीजों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा था। डॉक्टर ने मरीज को चार दवाएं लिखीं, लेकिन बुखार की सबसे बुनियादी दवा पैरासिटामॉल उपलब्ध ही नहीं थी।
समय : 12:30 बजे
स्थान : डालीगंज बरौलिया जन आरोग्य मंदिर
यहां तैनात महिला डॉक्टर छुट्टी पर थीं। उनकी जगह स्टाफ नर्स को ओपीडी संभालनी पड़ी। मरीजों की बीमारी पूछकर वही दवा बांट रही थीं। केंद्र पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं थी। स्टाफ ने बताया कि यहां जांच किट नहीं है, इसलिए मरीजों को करीब एक किलोमीटर दूर स्थित दूसरे केंद्र पर भेजा जा रहा था।
समय : 1 बजे
स्थान : मनकामेश्वर मंदिर मार्ग, मुकारिम नगर जन आरोग्य मंदिर
यहां का हाल और भी निराशाजनक मिला। दोपहर एक बजे केंद्र पर सन्नाटा पसरा था। डॉक्टर कुर्सी पर बैठी थीं, लेकिन जांच केंद्र का दरवाजा बंद था। जब डेंगू, मलेरिया, टायफाइड, चिकनगुनिया और सीबीसी जांच के बारे में पूछा गया, तो स्टाफ ने कहा कि केवल सामान्य बुखार से जुड़ी जांच हो सकती है। एलएफटी, केएफटी जैसी जांच नहीं हो रही थी। सैंपल लेकर सीएचसी भेजने का सुझाव देने पर स्टाफ ने साफ मना कर दिया।
समय : 1:30 बजे
स्थान : नगराम, बहरौली जन आरोग्य मंदिर
नगराम के बहरौली केंद्र पर डॉ. हरप्रीत कौर और फार्मासिस्ट अतुल कुमार श्रीवास्तव मौजूद मिले। यहां कुल 13 मरीज इलाज के लिए आए थे, लेकिन केंद्र पर बुखार और खून से जुड़ी जांच पूरी तरह ठप थी। जांच किट नहीं थी और लैब टेक्नीशियन की तैनाती तक नहीं की गई थी।डॉ. हरप्रीत कौर ने बताया कि केंद्र पर केवल शुगर और बीपी जांच की सुविधा उपलब्ध है।
Iकेंद्र पर बुखार की दवा व जांच के पुख्ता इंतजाम न होने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों से जवाब तलब किया जाएगा। बुखार की दवा का कोई संकट नहीं है। जो भी समस्याएं हैं, उनका निराकरण कराया जाएगा।I
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- डॉ. एनबी सिंह, सीएमओI
मरीज को दवा लिखती नर्स।
मरीज को दवा लिखती नर्स।
मरीज को दवा लिखती नर्स।