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मोदी सरकार की अहम योजना की उड़ाई जा रही हैं धज्जियां, गरीबों को नहीं मिल रहा है लाभ

Fri, 16 Nov 2018 02:43 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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पीएम मोदी
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सीन -1 केजीएमयू के सर्जिकल वार्ड-3 में भर्ती बस्ती निवासी मरीज विजय (32) की पेन्क्रियास में पथरी है। वह एक माह पहले ऑपरेशन के लिए आए थे। डॉक्टरों ने जांच कर भर्ती कर लिया। मरीज आयुष्मान का पात्र है जिसका गोल्डन कार्ड बना है। अब तक उसकी सर्जरी नहीं की गई। मरीज का कहना है कि आयुष्मान काउंटर कर्मचारी सर्जरी के लिए डाटा फीडिंग ही नहीं कर रहे हैं। 
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सीन-2 मोहनलालगंज निवासी मजदूर रामपाल की बेटी निर्मला (14) हादसे में जख्मी हो गई थी। उसका हिप रिप्लेसमेंट होना था। तीमारदार उसे लेकर केजीएमयू आए। आयुष्मान काउंटर पर गोल्डन कार्ड तक न बनने से मरीज की सर्जरी नहीं हो सकी है। इसकी शिकायत तीमारदार ने केजीएमयू प्रशासन से की है। 

सीन -3 गोसाईगंज निवासी राजीव कुमार के बेटे आशीष का पैर फ्रैक्चर हो गया था। डॉक्टरों ने इम्प्लांट लगाने की बात कही थी। मरीज ने आयुष्मान का गोल्डन कार्ड दिखाया तो डॉक्टर ने आयुष्मान काउंटर पर तीमारदार को भेजा। आयुष्मान काउंटर पर उसे लाभ न मिलने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
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 ये मामले महज बानगी भर हैं। केजीएमयू में आयुष्मान भारत योजना के मरीजों का उपचार करने के बजाय उन्हें खदेड़ा जा रहा है। केंद्र सरकार की अहम आयुष्मान योजना की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। गरीब मरीजों को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है।
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विधायक से भी हुई थी अभद्रता

- फोटो : डेमो
हालात ये हैं कि मरीजों को उपचार की बजाय टरकाया जा रहा है। गोल्डन कार्ड होने के बावजूद उपचार नहीं हो पा रहा है। जिन मरीजों का आयुष्मान कार्ड बना है, उनके परिवारीजन आयुष्मान का गोल्डन कार्ड लेकर अधिकारियों की चौखट पर फरियाद कर रहे हैं लेकिन योजना के तहत गरीब मरीजों का मुफ्त इलाज नहीं मिल रहा है।

वहीं मरीज विजय के तीमारदारों का कहना है कि एक माह बाद भी आयुष्मान के तहत सर्जरी न होने पर डॉक्टरों ने मरीज को विपन्न श्रेणी में रखकर उसकी सर्जरी करने का फैसला लिया है।

ट्रॉमा सेंटर में आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने आए मरीज कमलेश और उनकी पैरवी लेकर पहुंचे विधायक रोशनलाल वर्मा से कर्मचारियों ने अभद्रता की थी। इसकी शिकायत विधायक ने मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव से की थी। शासन ने मामले को गंभीरता से लिया था। तमाम सख्ती के बाद भी डॉक्टर-कर्मचारी सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मरीजों को टरकाया जा रहा है। 

केजीएमयू में अभी तक गोल्डन कार्ड न बनने से इलाज प्रभावित था। अब काउंटर पर मरीजों के गोल्डन कार्ड बनने शुरू हो गए हैं। आयुष्मान के तहत आने वाले किसी भी मरीज की सर्जरी व इलाज में कोई भी परेशानी नहीं आएगी। - डॉ. संतोष कुमार, प्रवक्ता, केजीएमयू
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