बाराबंकी। जिला अस्पताल की ओपीडी में बुखार पीड़ितों की भीड़ कम होने का नाम नहीं ले रही। इलाज पाने के लिए मरीजों को खासी मशक्कत करना पड़ रही है। परचा बनवाने से लेकर दवा लेने व जांच कराने में लंबी कतार में लगने के बाद ही इलाज मिल पा रहा है। इस बीच डेंगू जैसे लक्षण पहुंचने वाले छह मरीजों को शुक्रवार को भर्ती किया गया। एलाइजा जांच के बाद अब इन मरीजों की रिपोर्ट का इंतजार है।
जिला अस्पताल में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। भीड़ के कारण मरीजों के लिए इलाज पाना तक दुश्वार होने लगा है। जहांगीराबाद, दशहराबाग व सफदरगंज से आए मरीजों ने बताया कि शुक्रवार को सुबह नौ बजे पहुंचने के बाद भी ओपीडी में परचा बनवाने के लिए लंबी कतार में लगना पड़ा। एक घंटे बाद परचा बना तो ओपीडी में डॉक्टर के कमरे के बाहर लंबा इंतजार करना पड़ा। डॉक्टर ने देखने के बाद रक्त की जांच कराने के साथ दवा लिख दी।
इसके बाद पहले घंटे भर तक दवा काउंटर फिर आधा घंटा पैथालॉजी केंद्र के बाद जांच कराने के लिए कतार में लगना पड़ा। तक घंटे भर से ज्यादा कतार में लगना पड़ रहा है। ऐसे में इलाज के बाद घर लौटने में दोपहर दो बज गए। मरीजों की भीड़ के कारण कमोबेश ऐसी ही परेशानी अन्य मरीजों को भी उठाना पड़ी। शुक्रवार को ओपीडी में 1752 मरीज पंजीकृत हुए। इनमें सबसे ज्यादा बुखार पीड़ित रहे।
शुक्रवार को सफदरगंज निवासी अंजली (21), अशोक कुमार (40), रामनगर की अंतिमा (15), जहांगीराबाद के यश कुमार (13), दशहराबाग के मो. रहीम (10) और सुलेमान (22) को तेज बुखार और डेंगू जैसे लक्षण दिखने पर इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। परिजनों ने बताया कि तीन दिनों से बुखार आ रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुशवाहा ने बताया कि इन मरीजों की एलाइजा जांच कराई जा रही है।
11 सर्पदंश पीड़ितों की बचाई जान
बारिश के कारण जिले में सर्पदंश की घटनाएं भी लगातार बढ़ रही हैं। 24 घंटे के अंदर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सर्पदंश के शिकार 11 लोगों को भर्ती कराया गया। इनमें सतरिख निवासी नीरज (25), जैदपुर की मालती (60), सतरिख कामिनी (62), दरियाबाद की अंजली (28), लखपेडाबाग की कुमकुम (26) और पीरपुर के सतीश (47) को इलाज के लिए इमरजेंसी में भर्ती तक करना पड़ा। बाकी की जान समय पर वैक्सीन की डोज देकर बचाई गई।