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Lucknow News: वेंटिलेटर के लिए छह घंटे दौड़ता रहा मरीज, उन्नाव से गंभीर हालत में लाया गया था बुजुर्ग को

Sun, 29 Jan 2023 11:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

लोकबंधु अस्पताल में 32 वेंटिलेटर हैं। हालांकि, मैनपावर के संकट से आईसीयू में लगे चार वेंटिलेटर पर ही मरीजों की भर्ती हो रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है स्टाफ मिलते ही पूरी क्षमता से वेंटिलेटर यूनिट का संचालन होगा।
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केजीएमयू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उन्नाव से शनिवार सुबह गंभीर हालत में लाए गए बुजुर्ग मरीज को वेंटिलेटर की तलाश में राजधानी के चिकित्सा संस्थानों व अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ी। हालांकि, करीब छह घंटे बाद भी कहीं आईसीयू बेड न मिलने पर आखिरकार मरीज को निजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराना पड़ा।

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70 वर्षीय गंगा प्रसाद को ब्रेन स्ट्रोक पड़ने पर तीमारदार सुबह करीब छह बजे लोहिया संस्थान लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने उन्हें इमरजेंसी में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रख दिया। हालांकि, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने मरीज को देखकर केजीएमयू रेफर कर दिया। करीब साढ़े आठ बजे केजीएमयू में डॉक्टरों ने मरीज को प्राथमिक इलाज मुहैया कराया। फिर वेंटिलेटर खाली न होने की बात बताते हुए दूसरे संस्थान ले जाने की सलाह दी। इसके बाद तीमारदारों ने सरकारी अस्पतालों की दौड़ लगाई, लेकिन वहां भी निराशा ही हाथ लगी। इस दौरान छह घंटे बीत गए।

एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस में एंबुबैग पर रखे गए मरीज की हालत नाजुक होती देख घरवाले दोपहर दो बजे बाद उन्हें निजी मेडिकल कॉलेज ले गए। यहां मरीज को भर्ती कर लिया गया। डॉक्टरों ने ऑपरेशन की सलाह दी है। उधर, केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी के मुताबिक, मरीजों का बहुत लोड है। विभागों व कैजुल्टी के सभी वेंटिलेटर पर मरीज भर्ती हैं।
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लोकबंधु में 32 वेंटिलेटर, चार पर ही भर्ती
लोकबंधु अस्पताल में 32 वेंटिलेटर हैं। हालांकि, मैनपावर के संकट से आईसीयू में लगे चार वेंटिलेटर पर ही मरीजों की भर्ती हो रही है। अस्पताल प्रशासन का कहना है स्टाफ मिलते ही पूरी क्षमता से वेंटिलेटर यूनिट का संचालन होगा। इसी तरह बलरामपुर अस्पताल में 50 से अधिक वेंटिलेटर हैं। हालांकि, महज 15 पर ही मरीजों की भर्ती हो रही है। बेहोशी के डॉक्टर व स्टाफ न होने से यूनिट पूरी क्षमता से नहीं चल पा रही है।

लोहिया की इमरजेंसी में दस वेंटिलेटर, सभी फुल
लोहिया की इमरजेेंसी में मौजूद सभी दस वेंटिलेटर पर मरीज भर्ती हैं। ऐसे में यहां आने वाले मरीजों को दूसरे अस्पताल भेज दिया जाता है। अहम बात यह है कि पीएम केयर फंड के 20 से अधिक वेंटिलेटर इमरजेंसी में रखे हैं, लेकिन इन पर मरीजों की भर्ती नहीं हो रही है। संस्थान प्रवक्ता डॉ. एपी जैन ने बताया कि वेंटिलेटर खाली होने पर तुरंत गंभीर मरीजों को मुहैया कराया जाता है।

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