लखनऊ के विकास का प्रतीक बने 23 किमी. लंबे शहीद पथ को वर्ष 2024 की शुरुआत में पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर करने की तैयारी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने शहर से गुजरने वाले चार राजमार्गों को लिंक करने के लिए इसे बनाया था। अब इस सड़क को रखरखाव और ट्रैफिक की आवाजाही हेतु उपयोगी बनाए रखने के लिए पीडब्ल्यूडी की नेशनल हाईवे (एनएच) विंग को हैंडओवर किया जाएगा।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक सौरभ चौरसिया का कहना है कि जी-20 सम्मेलन और इन्वेस्टर्स समिट के लिए शहीद पथ को पूरी तरह से संवारा जा रहा है। जो भी टूटफूट थी, उसे ठीक करा दिया गया है। उधर, एनएचएआई की ओर से बनाई जा रही आउटर रिंगरोड का काम भी इसी साल खत्म हो जाएगा। इसके बाद वह शहीद पथ को अपने पास न रखकर पीडब्ल्यूडी को दे देगा। इसके रखरखाव के लिए जरूरी रकम केंद्र सरकार के सेंट्रल रोड फंड से सीधे पीडब्ल्यूडी को मिलती रहेगी। पूर्व में सीतापुर रोड से अयोध्या रोड के बीच बनी रिंगरोड को भी पीडब्ल्यूडी की एनएच को हैंडओवर किया जा चुका है।
...बस रिंगरोड न बन जाए शहीद पथ
पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर के बाद बस यही डर है कि शहीद पथ का हाल भी रिंगरोड की तरह न हो जाए। चार लेन की रिंगरोड बनाने के साथ सर्विस लेन बनाई गई थी। यह अब या तो खत्म हो चुकी है या इस पर अतिक्रमण हो गया है। ऐसे में लोकल ट्रैफिक भी मुख्य सड़क पर चलने लगा, जिसने जाम के हालात पैदा कर दिए हैं। शहीद पथ पर इस गलती को होने से पीडब्ल्यूडी एनएच को रोकना होगा।