लखनऊ। सीने में चोट के बाद सांस लेने में तकलीफ से जूझ रहे इंदिरानगर निवासी त्रिभुवन प्रसाद को पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में इलाज नहीं मिला। रविवार होने का हवाला देकर मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाने को कह दिया गया। रातभर दर्द और सांस की तकलीफ झेलने के बाद हालत बिगड़ी तो परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए।
परिजनों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से करने की बात कही है। परिजनों के मुताबिक, त्रिभुवन को शनिवार रात सीने में चोट लगने के बाद पीजीआई ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। जांच में निमोथोरेक्स की पुष्टि के बाद रेजिडेंट डाॅक्टर ने बताया कि सीने में ट्यूब डालकर हवा निकालनी होगी। कुछ देर बाद परिजनों से कहा गया कि रविवार होने के कारण ट्यूब डालने के लिए डॉक्टर उपलब्ध नहीं हैं और मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाएं।
परिजनों का आरोप है कि सांस लेने में लगातार बढ़ रही दिक्कत के बावजूद मरीज के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई। रातभर दर्द और सांस की परेशानी झेलने के बाद हालत बिगड़ने पर वे निजी अस्पताल चले गए।
पीजीआई के सीएमएस डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। ऐसा हुआ है तो संबंधित डॉक्टर से जवाब तलब किया जाएगा।