लखनऊ। गुडंबा कुर्सी रोड स्थित निजी अस्पताल में गाल ब्लेडर में पथरी के ऑपरेशन दौरान मरीज की हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों ने मरीज को वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा, मगर शुक्रवार देर रात उसकी मौत हो गई। आईसीयू में परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
गुडंबा बेहटा के रहने वाले अनिल रावत (40) के गाल ब्लेडर में पथरी थी। मरीज ने पहले इंटीग्रल अस्पताल की ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया था। डॉक्टर ने 25 अगस्त को भर्ती कर लिया था। 27 अगस्त को मरीज का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद मरीज को होश नहीं आया। परिजनों ने इसकी शिकायत डॉक्टरों से की। डॉक्टरों ने जांच की और संक्रमण फैलने की बात कहकर दोबारा ऑपरेशन की बात कही।
28 अगस्त को मरीज का दोबारा ऑपरेशन कर उसे आईसीयू में वेंटीलेटर पर शिफ्ट किया गया। शुक्रवार रात करीब दो बजे डाॅक्टरों ने मरीज को मृत घोषित कर दिया। इससे भड़के परिजनों ने आईसीयू में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य बिंदुओं की गहन जांच बाद कार्रवाई होगी।
आयुष्मान कार्डधारक से वसूली का आरोप
भाई अशोक का आरोप है कि मरीज आयुष्मान कार्डधारक था, जिसके बाद भी अस्पताल में मुफ्त ऑपरेशन नहीं हुआ। जांच व इलाज के नाम पर करीब बीस हजार रुपये वसूल लिए गए। परिजनों ने इसकी शिकायत सीएमओ ऑफिस में करने की बात कही है।
Iसर्जरी में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। तीमारदारों के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज आयुष्मान कार्डधारक था। लिहाजा कोई शुल्क भी नहीं लिया गया। मरीज ने पहले किसी दूसरे अस्पताल में सर्जरी कराई थी। जो सफल नहीं रही थी। सर्जरी के बाद मरीज को सेप्टीसीमिया हो गया था।I
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- डॉ. बिलाल, निदेशक, इंटीग्रल हॉस्पिटलI
मरीज और हंगामा करते परिजन।