सब कुछ तय होने के बावजूद, जिला प्रशासन और पुलिस यातायात व्यवस्था संभालने में नाकाम रही। शहर के अंदर महज 12 किलोमीटर के रोड शो से हर कदम पर लगने जाम ने राजधानी की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
हद तो यह हो गई कि जाम में एक एंबुलेंस फंस गई और घंटों जाम में फंसे रहने से उसमें मौजूद मरीज की सांसें थम गईं। प्रशासन इस बात से अनजान नहीं कि रोड शो जैसे बड़े आयोजनों से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाया करती है।
इसके बावजूद एक बार फिर शहर का ट्रैफिक संभालने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। दोपहर 12 बजे से यातायात व्यवस्था गड़बड़ाई और तीन बजे के करीब गंज चौराहा पूरी तरह से पैक हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात को सामान्य करने में सात घंटे लग गए।
कहां से कहां तक लगी कतारें
सड़कों पर भीड़
- फोटो : amar ujala
हजरतगंज, महात्मा गांधी मार्ग, लालबाग, कैसरबाग चौराहा, रकाबगंज पुल, नक्खास, मेडिकल क्रॉस चौराहा
टाइम लाइन
11 बजे सुबह : गंज में नेताओं की गाड़ियां आकर खड़ी होने लगीं।
12 बजे दोपहर : सिकंदरबाग, सप्रू मार्ग समेत आसपास जाम
01 बजे दोपहर : गंज चौराहे से विधानसभा मार्ग पर ट्रैफिक रोका गया
2 बजे दोपहर : बंदरियाबाग मार्ग चोक
3 बजे दोपहर : फ्लीट की गाड़ियां हजरतगंज चौराहे पर पहुंची
3:30 बजे दोपहर : गंज से लालबाग तक ट्रैफिक ध्वस्त
4:40 बजे शाम : नक्खास रोड लगा जाम
5:00 बजे शाम : मेडिकल क्रॅास चौराहा जाम
6 बजे शाम सतखंडा के आसपास ट्रैैफिक ध्वस्त
गनीमत रही छुट्टी थी, वरना...
रविवार को अवकाश होने से स्कूल-ऑफिस बंद थे, इसलिए ट्रैफिक लोड कम था। वरना हालात और बुरे हो सकते थे।
पैदल तय किया सफर
दोपहर करीब एक बजे से चारबाग जाने के लिए लोगों को सवारी वाहन नहीं मिले। ऐसे में यात्री हाथ में ही सामान उठाकर एक-दो किमी का सफर पैदल तय किया। यात्री नीतेश ने बताया मेन रोड ब्लॉक होने से ऑटो-ई रिक्शा तक नहीं मिले।
... जब सीएम के बच्चों की रोक ली गाड़ी
दोपहर करीब ढाई बजे सीएम अखिलेश यादव के बच्चों को लेकर रेंज रोवर गाड़ी रॉन्ग साइड से गंज चौराहे की ओर बढ़ रही थी। डीएसओ चौराहे पर ट्रैफिक पुलिस ने गाड़ी रुकवा ली। ट्रैफिक पुलिस ने सीएम के बच्चों को देखकर बाद में उन्हें जाने दिया।