फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

धर्म के नाम पर अपमान: पासपोर्ट अधिकारी का तबादला, दंपती को मिला पासपोर्ट

Thu, 21 Jun 2018 01:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
तन्वी को पासपोर्ट सौंपते रीजनल पासपोर्ट अधिकारी
विज्ञापन

लखनऊ के रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट ऑफिस में तन्वी सेठ और उनके पति अनस सिद्दीकी से हुई बदसलूकी के मामले में कार्रवाई करते हुए रीजन पासपोर्ट अधिकारी ने आरोपी विकास मिश्रा का ट्रांसफर कर दिया, साथ ही घटना पर उनसे जवाब तलब किया गया है।

विज्ञापन


गुरुवार को मामले पर सफाई देते हुए रीजनल पासपोर्ट अधिकारी पूरे घटनाक्रम पर खेद जताया। उन्होंने कहा कि पुराने मैनुअल के हिसाब से पासपोर्ट में पति या पत्नी का नाम जुड़वाने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट देना होता था।

संभव हो विकास मिश्रा को इस संबंध में जानकारी न हो, इसलिए यह स्थित पैदा हुई। फिलहाल तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी को उनके पासपोर्ट दे दिए गए हैं। आरोपी अधिकारी विकास मिश्रा का ट्रांसफर करने के साथ घटना पर जवाब मांगा गया है। ऐसा दोबारा न हो इसलिए सभी पासपोर्ट अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दे दिए गए हैं।
विज्ञापन


गौरतलब है कि बुधवार को पासपोर्ट रिन्यू कराने गई तन्वी सेठ से पासपोर्ट अधिकारी विकास मिश्रा ने मुस्लिम से शादी करने पर बदसलूकी की थी। विकास मिश्रा ने तन्वी सेठ को अपना नाम बदलवाकर आने को कहा था। इस मामले की शिकायत तन्वी ने ट्वीटर के जरिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से की थी। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट रीजनल कार्यालय पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट मांगी थी।

यह था पूरा मामला

तन्वी सेठ और अनस सिद्दीकी
तन्वी के मुताबिक, उन्होंने और उनके पति अनस सिद्दीकी ने पासपोर्ट के लिए समस्त जरूरी दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। पति का पासपोर्ट रीन्यू होना था। उन्हें रतन स्क्वायर स्थित पासपोर्ट ऑफिस में अपॉइंटमेंट दिया गया। वे समय पर पहुंचीं, सभी काउंटर पर क्लीयरेंस मिलने के बाद उन्हें सी5 काउंटर पर बुलाया गया जहां विकास मिश्रा बैठे थे। उन्होंने दस्तावेज जांचते हुए आश्चर्य जताया कि अनस सिद्दीकी की पत्नी का नाम तन्वी सेठ कैसे हो सकता है?

तन्वी के अनुसार उन्होंने कहा कि ‘शादी के बाद नाम बदलें या नहीं, यह उनकी मर्जी पर है। वे 12 साल से शादीशुदा हैं और नाम नहीं बदला है। सभी दस्तावेज उनके तन्वी नाम पर ही हैं। ऐसा कोई कानून नहीं है कि शादी के बाद लड़की को उसका नाम बदलना ही होगा।’ इस पर मिश्रा ने उन्हें कहा कि शादी के बाद नाम बदलवाना उनकी ड्यूटी थी, हर लड़की को यह करना पड़ता है। तन्वी के अनुसार वे काफी देर तेज आवाज में अभद्रता से बहस करते रहे। इससे आसपास के लोग भी तमाशा देखने लगे और उन्हें बहुत असहज महसूस हुआ। मिश्रा ने उन्हें एपीओ ऑफिस जाने के लिए कहा।
विज्ञापन

एपीओ ने कहा समस्या नहीं

तन्वी के अनुसार एपीओ ऑफिस के अधिकारियों ने उनके दस्तावेज देखकर कहा कि पासपोर्ट बनने में कोई समस्या नहीं है। बल्कि यह भी कहा कि मिश्रा के खराब व्यवहार की पहले भी कई शिकायतें आई हैं, वे इसके लिए माफी चाहते हैं। इसी दौरान उनके पति यहां पहुंचे और बताया कि उनका भी आवेदन रुका हुआ है क्योंकि उन्होंने अपनी पत्नी के नाम का उल्लेख किया है। उन्हें भी कहा गया है कि तन्वी के सभी दस्तावेजों में उनका मुस्लिम नाम रखा जाए।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें