मिट्टी की सोंधी खुशबू में घुली चाय का स्वाद जल्द ही चारबाग रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को मिलेगा। रेलवे बोर्ड ने शुक्रवार को स्टेशन पर मिट्टी से बने कुल्हड़ों व प्लेटों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। दो अक्तूबर से पहले स्टेशन पर कुल्हड़ों का बंदोबस्त रेलवे प्रशासन को करना होगा।
दरअसल, कुम्हारों की जीविका पर मंडरा रहे संकट से निपटने और रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने के क्रम में मिट्टी के कुल्हड़ों के प्रयोग की योजना बनाई गई थी। रेलवे बोर्ड के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक कैटरिंग समीर कुमार ने बताया कि देशभर में कुल 400 रेलवे स्टेशनों पर मिट्टी के कुल्हड़ों व प्लेटों के प्रयोग की अनुमति रेलवे बोर्ड की ओर से दी गई है।
लस्सी व खाने के अन्य आइटमों को किया जा सकता है सर्व
प्रतीकात्मक तस्वीर
इनमें चाय के अतिरिक्त लस्सी व खाने के अन्य आइटमों को सर्व किया जा सकता है। इसी क्रम में उत्तर रेलवे के 25 रेलवे स्टेशनों पर कुल्हड़ों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई है। इसमें लखनऊ मंडल के चार स्टेशन शामिल हैं। पहले चरण में चारबाग, सुल्तानपुर, वाराणसी और अमेठी स्टेशन पर मिट्टी के कुल्हड़ों में चाय बिकेगी।
रेलवे प्रशासन को दो अक्तूबर से पहले खादी एंड विलेज इंडस्ट्रीज कमीशन (केवीआईसी) से संपर्क कर स्टेशन पर कुल्हड़ व टेराकोटा के उत्पादों की व्यवस्था कर तीन अक्तूबर को रिपोर्ट भेजनी होगी। इसके अतिरिक्त उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, शकूरबस्ती, निजामुद्दीन, मुरादाबाद, फिरोजपुर आदि स्टेशनों को भी अनुमति मिली है।