इंजीनियर इम्तियाज हुसैन का खाड़ी देशों में आना-जाना लगा रहता है। 18 अप्रैल को दुबई जाने के लिए उन्होंने इंडिगो की फ्लाइट 6ई1407 में टिकट करवाया।
वहीं, नियम के अनुसार कोरोना की आरटीपीसीआर जांच लैब से करवाई, लेकिन रिपोर्ट समय से नहीं मिली। इस वजह से उन्हें यात्रा निरस्त करनी पड़ी।
इम्तियाज जैसे लोेगों की लंबी फेहरिस्त है, जिन्हें कोरोना की जांच रिपोर्ट समय से न मिलने के कारण निरस्त करनी पड़ रही हो।
चौधरी चरण सिंह एयरपोर्ट से खाड़ी देशों में जाने वालों के लिए कोरोना रिपोर्ट अनिवार्य है। अन्य उड़ानों में यह रिपोर्ट 72 घंटे की होनी चाहिए।
लेकिन दुबई जाने वाली फ्लाइटों के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने अब इस समय को घटाकर 48 घंटे कर दिया है, जिससे मुश्किलें बढ़ गई हैं।
शारजाह जाने के लिए अलीगंज की नेहा सिंह ने कोरोना जांच करवाई, लेकिन रिपोर्ट 72 घंटे बाद मिली। ऐसे में उन्हें दोबारा जांच करवानी पड़ी। सीतापुर रोड निवासी सीए अलौकिक दीक्षित ने बताया कि उन्हें दुबई जाना है, लेकिन जांच रिपोर्ट में देरी से यात्रा स्थगित कर रहे हैं।
‘एक्विवोकल’ ने बढ़ाया संकट
आरटीपीसीआर जांच के बाद आमतौर पर पॉजिटिव या निगेटिव रिपोर्ट आती है। हालांकि, तमाम मामले ऐसे आ रहे हैं, जिसमें रिपोर्ट में ‘एक्विवोकल’ लिखकर आता है। इसे लेकर जब लोग एयरपोर्ट पहुंचते हैं तो उन्हें यात्रा की अनुमति ही नहीं मिलती है। ऐसे में उन्हेें ब्लड टेस्ट करवाना पड़ता है, जो आरटीपीसीआर के हफ्तेभर बाद होता है। इन जांचों के फेर में लोगों की फ्लाइट छूट रही है।