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रामजन्म भूमि का बंटवारा मंजूर नहीं, एक इंच भूमि भी मस्जिद के लिए नहीं देंगे- विहिप

Mon, 26 Nov 2018 01:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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चंपत राय - फोटो : file photo
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राम जन्मभूमि विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय के फैसले से पहले विश्व हिन्दू परिषद ने साफ कर दिया है कि रामजन्म भूमि का बंटवारा मंजूर नहीं होगा। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए राम जन्मभूमि की पूरी जमीन चाहिए इसमे एक इंच भी भूमि मस्जिद के लिए नहीं देंगे। चंपत राय ने सरकार को भी मंदिर निर्माण का वादा याद दिलाते हुए कहा कि जब संवैधानिक संस्थाएं टालमटोल रवैया अपनाएं तो विधायिका को आगे आना चाहिए।

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रविवार को अयोध्या में आयोजित विहिप की धर्मसभा को सम्बोधित करते हुए विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष चम्पत राय ने कहा कि देश के बुद्धिजीवियों को लगता था कि 1992 के बाद राम मंदिर का मुद्दा समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि 498 सालों की यह लड़ाई राम मंदिर निर्माण के बाद ही समाप्त होगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर की जमीन का बंटवारा बिलकुल मंजूर नहीं होगा, राम मंदिर के लिए पूरी जमीन चाहिए। उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी राम मंदिर का निर्माण होगा उतनी जल्दी देश में शांति होगी।

उन्होंने कहा कि मस्जिद पक्षों का अदालत में रिकॉर्डेड कथन है कि यदि 1528 से पहले वहां मंदिर साबित हुआ तो वे दावा छोड़ देंगे। उन्होंने कहा कि 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले में साबित हो गया है कि वहां मंदिर था। इसलिए मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को अपना दावा वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने भी वादा किया था कि मंदिर का दावा सिद्ध होते ही रामलला की जमीन मंदिर के लिए दे दी जाएगी। सरकार को भी अपना वादा पूरा करना चाहिए।
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उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय पर निशाना साधते हुए कहा कि अब हिन्दुओं के धैर्य की परीक्षा ना लें। 1950 से 2010 तक 60 साल इंतजार के बाद फैसला आया, उसके बाद भी कहा जाता है कि धैर्य रखो। उन्होंने कहा कि अब 2011 से सर्वोच्च न्यायालय में मामला विचाराधीन है। लेकिन वहां भी टालमटोल रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर ही बनेगा लेकिन बाबर के नाम की मस्जिद कहीं नहीं बनेगी। उन्होंने कहा कि आगामी समय में कुछ लोग हिन्दू समाज को गुमराह करने की कोशिश भी करेंगे और खरीद फरोख्त भी करेंगे।

कृष्ण की तरह दिया है संकेत
चम्पत राय ने कहा कि महाभारत के युद्ध से पहले अर्जुन ने भगवान श्रीकृष्ण से पूछा था कि युद्ध क्यों जरुरी है तो श्रीकृष्ण ने अपना मुंह खोलकर बताया था। इसी प्रकार यूपी के 48 जिलों के राम भक्तों ने भी अयोध्या धर्मसभा में बता दिया है कि मंदिर निर्माण जरुरी है।

दूसरों की जमीन पर पढ़ी नमाज कबूल नहीं हुई
चम्पत राय ने कहा कि इस्लाम में साफ है कि दूसरे की हथियाई जमीन पर पढ़ी हुई नमाज कबूल नहीं होगी। राम मंदिर की जमीन हथिया कर उस पर वर्षों तक पढ़ी हुई नमाज कबूल नहीं हुई है।

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