मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया सेल में संविदा पर काम करने वाले पार्थ श्रीवास्तव ने बुधवार को खुदकुशी कर ली थी। उसने ने दो पन्ने का सुसाइड नोट भी लिखा।
जिसमें दो वरिष्ठ संविदा कर्मचारियों पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है। सोशल मीडिया पर सुसाइड नोट वायरल हुआ। वहीं, परिवारीजनों ने इस मामले की जांच की मांग की।
पार्थ की बहन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। हालांकि, परिवारीजनों ने तीन दिन बाद भी तहरीर नहीं दी है।
मामले में एक्टीविस्ट नूतन ठाकुर व उनके पति पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र भेजा है। जिसमें मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
इंदिरानगर के सेक्टर-9 वैशाली एन्क्लेव में रहने वाले रवींद्रनाथ श्रीवास्तव का बेटा पार्थ श्रीवास्तव मुख्यमंत्री के सोशल मीडिया सेल में संविदा पर काम करता था।
बुधवार को उसने घर में फांसी लगा ली थी। उसने दो पन्ने का सुसाइड नोट लिखा। जिसमें अपने दो वरिष्ठ संविदा कर्मचारी पुष्पेंद्र सिंह और शैलजा पर प्रताड़ना का आरोप लगाया।
इस मामले में पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप भी लग रहा है। पार्थ की बहन शिवानी श्रीवास्तव ने कहा कि उसका भाई सरकार के लिए परिवार में भी लड़ जाता था। उसके टीम में ही कुछ गड़बड़ी थी।
जिसके कारण वह तनाव में रहता था। कई बार घर पर भी बातचीत के बाद गुस्से में टीम के कुछ वरिष्ठों का नाम लेता था। इससे वह परेशान हो चुका था।
परिवार के लोगों को अगर पूरी बात मालूम होती तो उससे नौकरी छोड़ने को कह देते। वह मेहनती युवक था। उसे पुष्पेंद्र और शैलजा ने काफी परेशान किया है।
वह खुद को बेगुनाह साबित नहीं कर सका तो खुदकुशी कर ली। उसने सवाल उठाया कि उसके सोशल मीडिया प्लेटफार्म से अंतिम मेसेज डिलीट किए गए। जबकि मोबाइल पुलिस के पास थे।
वहीं, पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगाया है। शिवानी ने बातचीत के दौरान कहा कि पुष्पेंद्र और शैलजा से वह पूछना चाहती है कि पार्थ ने ऐसा क्या गलत काम कर दिया था कि उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि उसकी मौत हो गई। मुझे न्याय चाहिए।
पूर्व आईपीएस और उनकी पत्नी ने भेजा पत्र
इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी एक्टिविस्ट नूतन ठाकुर आगे आ गए हैं। उन्होंने पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर को पत्र भेजा है। इसमें मुख्यमंत्री सोशल मीडिया सेल के पार्थ श्रीवास्तव की आत्महत्या व उसके ट्वीट को डिलीट करने के मामले में मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में दो वरिष्ठ पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके लिए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पूछताछ किया जाना जरूरी है। पार्थ ने अपने ट्वीटर हैंडल से एक मेसेज ट्वीट किया था। जिसे उसकी खुदकुशी के बाद डिलीट किया गया है। यह एक गंभीर अपराध है। एक बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। पुलिस कमिश्नर से मुकदमा दर्ज करने के मांग की है। वहीं, प्रभारी निरीक्षक इंदिरानगर अजय प्रकाश त्रिपाठी के मुताबिक, तीन दिन बाद भी परिवारीजनों की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। परिवारीजन तहरीर देते हैं और उच्चाधिकारियों द्वारा अगर कोई निर्देश दिया जाता है। उसके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।