शुक्रवार दोपहर जांच एजेंसियों की एक टीम दोबारा सागर के घर पहुंची। एटीएस का दस्ता भी साथ था। परिजनों में एक-एक कर सभी से सागर के व्यवहार, उसके दोस्तों के नाम आदि की जानकारी ली।
संसद की सुरक्षा भेदने वाले सागर शर्मा के घर पर शुक्रवार को एक बार फिर जांच एजेंसियों की टीम पहुंची। एटीएस की टीम भी साथ थी।सागर के कमरे को खंगाला गया। कई और किताबें बरामद कर कब्जे में लीं। परिजनों से दोबारा पूछताछ की। करीब एक घंटे तक तहकीकात करने के बाद टीम ई रिक्शा मालिक के घर पहुंची। उससे भी सागर के बारे में जानकारी ली।
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जिस दिन संसद के भीतर सागर ने घटना को अंजाम दिया था, उसके कुछ ही देर बाद पुलिस व जांच एजेंसियों के अफसर उसके घर पर पहुंचे थे। सागर के पिता रोशनलाल, मां रानी, बहन माही आदि से लंबी पूछताछ कर सागर के बारे में जानकारी जुटाई। बुधवार रात जांच एजेंसियों ने सागर के पिता रोशनलाल से कई घंटे पूछताछ की थी। बृहस्पतिवार सुबह उन्हें छोड़ दिया था। पूरे दिन परिजन कमरे के भीतर रहे थे। किसी से कोई बातचीत नहीं की थी।
शुक्रवार दोपहर जांच एजेंसियों की एक टीम दोबारा सागर के घर पहुंची। एटीएस का दस्ता भी साथ था। परिजनों में एक-एक कर सभी से सागर के व्यवहार, उसके दोस्तों के नाम आदि की जानकारी ली। सागर कब से डायरी लिख रहा था? उसके बारे में उनको जानकारी है या नहीं? उन्होंने ये डायरी कभी पढ़ी या नहीं? मोबाइल पर किस तरह के वीडियो देखता था? ऐसे तमाम सवाल उनसे पूछे। इसके बाद टीम लौट गई। किताबों आदि के साथ सागर के जूते भी टीम ले गई।
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शुरुआत में पता चला था कि सागर अपना ही ई रिक्शा चलाता था। अब पता चला है कि उसने अपना ई रिक्शा बेच दिया था। वर्तमान में वह हिमांशु शुक्ल नामक शख्स का ई रिक्शा किराए पर लेकर चलाता था। जांच एजेंसियों के अफसर ने हिमांशु से भी पूछताछ की। ई रिक्शा की फोटो भी क्लिक की।
दिल्ली पुलिस व अन्य एजेंसियां मामले की जांच कर रही हैं। इस बीच सामने आया है कि सागर ने लखनऊ में किसी जूते की दुकान से स्पेशली जूते बनवाए थे, जिससे उसमें कलर स्प्रे रखने की जगह रहे। वहां से मिले इनपुट पर उस दुकान के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।